
बिलासपुर। जिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ (शिक्षा विभाग) ने बिलासपुर कालेज में पुरुष चौकीदारों की कमी पर रोष जताया है। संघ का कहना है कि कालेज में आधा दर्जन से अधिक कांप्लेक्सों की रखवाली का जिम्मा एक चौकीदार पर थोपा गया है। ऐसा करके उसे बंधुआ मजदूर बना दिया गया है। यदि एक सप्ताह के भीतर समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम न उठाए गए तो संगठन के बैनर तले कालेज प्रांगण में हल्ला बोला जाएगा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन के जिला कोषाध्यक्ष भूरी सिंह ठाकुर, वरिष्ठ उपप्रधान पवना ठाकुर, उपप्रधान कांता, महासचिव सरदार राम सिंह, सदर ब्लाक प्रधान दौलतराम रघु और झंडूता ब्लाक प्रधान मेहरदीन के साथ ही हेतराम, देवराज और कमलदेव ने कहा कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में साइंस लैब, आर्ट्स, म्यूजिक, इग्नू, बीसीए और बीबीए कांपलेक्स के साथ ही छात्रावास रात के समय एक पुरुष चौकीदार की देखरेख में रहते हैं। 50 बीघा से अधिक भूमि पर फैले कालेज कांपलेक्स की चहारदीवारी कई स्थानों पर टूट गई है। कांपलेक्स में लाइट की भी सही व्यवस्था नहीं है। अंधेरे में एक चौकीदार से इतने बड़े कांपलेक्स की निगरानी की कल्पना करना बेमानी है।
संघ के नुमाइंदों ने कहा कि रात को सेवा देने वाले चौकीदार को छुट्टी पर जाना पड़े तो उसकी जगह काम करने वाला और कोई नहीं है। ऐसे में इकलौते चौकीदार को बंधुआ मजदूर की तरह हर रोज 17 घंटे ड्यूटी देनी पड़ रही है। छुट्टी वाले दिन तो उसे 24 घंटे सेवाएं देनी पड़ती हैं। शिक्षा उप निदेशक को समस्या से अवगत कराने के बावजूद स्थिति जस की तस है। उन्होंने मांग की है कि बिलासपुर कालेज में कम से कम पांच पुरुष चौकीदारों की व्यवस्था की जाए। किसी का तबादला होने पर उसके स्थान पर पुरुष चौकीदार को ही भेजा जाए। बीबीए, बीसीए व इग्नू के पास अपने-अपने सेवादार हैं। इन कांपलेक्सों की रखवाली उनके सेवादारों से करवाई जाए।
