
चंबा। ठोस तबादला नीति न बनने के कारण कर्मचारी काफी आहत हैं। रविवार को आयोजित अराजपत्रित महासंघ की बैठक में इस बात को लेकर चरचा हुई। महासंघ के नेताओें के अनुसार प्रदेश का समस्त कर्मचारी वर्ग चाहता है कि प्रदेश में जल्द मजबूत व स्थाई तबादला नीति बनाई जाए। इससे कर्मचारियों के हित भी सुरक्षित रहेंगे और कर्मचारियों के शोषण पर भी काफी हद तक लगाम लगेगी। चंबा में आयोजित जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की बैठक में महासंघ के जिलाध्यक्ष सतपाल ठाकुर ने कहा ट्रांसफर पालिसी बनने की राह सभी कर्मचारी ताक रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद भी ट्रांसफर पालिसी नहीं बन पा रही है। यह बात काफी चिंताजनक है। तबादला नीति जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश के कर्मचारियों की मांग है।
सतपाल ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में तीन जिले चंबा, किन्नौर, सिरमौर के कुछ क्षेत्र हार्ड एरिया में आते हैं। इनमें कर्मचारियों को अपने सेवाकाल के दौरान सेवाएं देनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि हार्ड एरिया के लिए प्रदेश के जिलों को तीन वर्गो में विभाजित किया जाए। इसमें यह व्यवस्था की जाए कि सिरमौर के हार्ड एरिया में साथ लगते जिला के कर्मचारियों का तबादला किया जाए। चंबा के हार्ड एरिया में भी साथ लगते जिलों के कर्मचारियों का तबादला हो। कई बार ऐसा देखा गया है कि किन्नौर के हार्ड एरिया में चंबा जिला के कर्मचारी का तबादला कर दिया जाता है और किन्नौर जिला के कर्मचारी का किसी दूसरे क्षेत्र में तबादला हो जाता है। इससे कर्मचारियों को दूरस्थ हार्ड एरिया में सेवाएं देने में काफी दिक्कतें आती हैं। सतपाल इस प्रकार की व्यवस्था के लिए सरकार के समक्ष मांग रखी गई थी। यह मांग विचाराधीन है। कर्मचारियों की मांगों को सरकार तक पहुंचाना उनका मुख्य ध्येय है।
