बंद क मरे में नहीं बनते अध्यक्ष : सतपाल

चंबा। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सतपाल ठाकुर ने कहा है कि बंद कमरों में चंद कर्मचारियों के बीच एक-दूसरे को हार पहना कर कर्मचारियों का नेता नहीं बना जा सकता। संवैधानिक तरीके से चुना गए कर्मचारी नेता को ही कर्मचारी अपना नेता मानते हैं। मनकोटिया गुट को समर्थन करने वाले बेदी गुट ने बंद कमरे में जिला की कार्यकारिणी घोषित कर कर्मचारियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। बेदी गुट के नेता अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। बृज मोहन बेदी के लगाए समस्त आरोप बेबुनियाद हैं। 15 मार्च को हुई फैडरल हाउस की बैठक में सर्वसम्मति से अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने ब्लाक स्तर पर चुनाव करवाने का निर्णय लिया था।
सतपाल ठाकुर ने कहा कि वह तो अपने घर से 102 किलोमीटर दूर चंबा में नौकरी कर रहे हैं। उन पर आरोप लगाने वाले विरोधी नेता राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। बृज मोहन बेदी कई बार चुनाव हार चुके हैं। जेसीसी व फैडरल हाउस की बैठक में भी अनुपस्थित रहने का आरोप अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष ने बेदी गुट पर जड़ा है। इस अवसर पर महासंघ के सचिव अजय जरयाल, मुख्य सलाहकार जगदीश चौहान, सहसचिव ज्ञान चंद ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मिथुन शर्मा, उपाध्यक्ष अंजू बख्सी, महिला विंग की प्रधान सोनम मेहता, सहसचिव अजय बिजलबान, कानूनी सलाहकार नरेश राणा, उप प्रधान मान सिंह नरूला, महेंद्र कुमार, राजेश पुरी उपस्थित रहे।
सतपाल ठाकुर ने कहा कि बृजमोहन बेदी अपनी ट्रांसफर होने के भय से सहम गए हैं और कर्मचारियों को विश्वास में लिए बिना ऊपरी आदेश बताकर चुनाव आयोजित कर महासंघ के जिलाध्यक्ष बन गए हैं। उद्यान विभाग कर्मचारी महासंघ के नवनियुक्त अध्यक्ष नरेंद्र कुमार के आठवीं बार अध्यक्ष बनने के दावे को भी झूठा बताया है। कर्मचारियों की मेंबरशिप के फंड का पूरा-पूरा हिसाब रखा है। इस संबंध में कोई चाहे तो महासंघ के सदस्यों से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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