ताबो में एक अरब से बनेगा मेडिटेशन सेंटर

केलांग (लाहौल-स्पीति)। एक हजार साल पुराने ताबो मठ के समीप करीब अरब रुपये की लागत से मेडिटेशन केंद्र का निर्माण किया जाएगा। बुद्ध धर्म पर आस्था रखने वाले देश-विदेश के शोधार्थी और श्रद्धालु यहां पर गौतम बुद्ध को करीब से महसूस कर पाएंगे। ढंखर बौद्ध मठ में बुद्ध जयंती के मौके पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए विधायक रवि ठाकुर ने इस मेगा प्रोजेक्ट की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि स्पीति घाटी में धार्मिक और साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। घाटी में कई ऐसे बौद्ध मठ मौजूद हैं जहां पर काश्तकारी और मूर्तिकला के बेजोड़ नमूने सदियों का इतिहास समेटे हुए हैं। स्पीति घाटी में धार्मिक पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ताबो के समीप लगभग एक अरब रुपये की लागत से अत्याधुनिक मेडिटेशन सेंटर का निर्माण करने जा रही है। इसके लिए मेडिटेशन केंद्र का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। घाटी के प्रमुख बौद्ध मठों का चरणबद्ध तरीके से जीर्णोद्धार करने की भी योजना है।
ढंखर में आयोजित बुद्ध जयंती के अवसर में स्पीति घाटी के हर कोने से हजारों की तादाद में श्रद्धालु यहां पहुंचे। स्पीति के पंाचों प्रमुख बौद्ध मठों ताबो, ढंखर, कीह, कुंगरी और काजा के मठाधीशों ने बुद्ध के जीवन पर प्रकाश डाला। इस मौके पर विदेश से बौद्ध धर्म के प्रमुख अवतारी लामा विशेष तौर पर ढंखर मठ पहुंचे। बुद्ध जयंती पर स्पीति घाटी के विभिन्न गांवों से आए महिला मंडलों और स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते हुए लोगों का मनोरंजन किया। इससे पूर्व बुद्ध की दुर्लभ मूर्ति को पुराने मठ से निकाल कर नए गोंपा में लाया गया। इस मौके पर पूर्व मंत्री फुंचोग राय, प्रमुख मठों के प्रभारी लामा, टीएसी मेेंबर सोहन सिंह, डबला तरगे समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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