स्कूलों के कोटिकरण से पहले ही विरोध

देहरादून। शिक्षकों के तबादलों को लेकर स्कूलों के कोटिकरण का फाइनल निर्धारण होने से पहले ही विरोध शुरू हो गया है। प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि चकराता और सहसपुर के कुछ स्कूलों के अंकों से छेड़छाड़ कर इन स्कूलों को अधिक अंक देकर सुविधाजनक दर्शाया गया है, जिससे वर्षों से सुगम स्कूलों में आने का इंतजार कर रहे शिक्षकों को निराश होना पड़ेगा। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों की सड़क से गलत दूरी दर्शाई गई थी, जिसे ठीक किया गया है।
शिक्षकों के तबादलों को लेकर 23 से 29 मई तक स्कूलों का निर्धारण किया जाना है, कि कौन सा स्कूल किस श्रेणी में आ रहा है। दून में इसे अभी अंतिम रूप दिया जाना है। जिलाधिकारी या फिर उनके प्रतिनिधि के अनुमोदन के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जा सकेगा। इससे पहले प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि कुछ स्कूलों के अंकों के साथ छेड़छाड़ की गई है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह कृषाली ने कहा कि प्रधानाध्यापकों ने अपने स्कूलों को दस मुख्य मानकों के आधार पर जो अंक दिए हैं, उन अंकों के साथ छेड़छाड़ कर स्कूलों के नंबर बढ़ा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालय बटोली सहसपुर को 13 अंक दिए गए थे, जिसे बढ़ाकर 18, प्राथमिक विद्यालय खगऊ चकराता को नौ अंक दिए गए थे, जिसे बढ़ाकर 17, प्राथमिक विद्यालय दुधई सहसपुर को 26 अंक दिए गए थे, जिसके अंक बढ़ाकर 40 अंक कर दिए गए हैं। इसी तरह जूनियर हाईस्कूल रामनगर डांडा सहित कुछ अन्य स्कूलों के साथ किया गया है।
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सत्यापन में कई स्कूलों का निर्धारण मिला गलत
हेड मास्टरों ने स्कूलों का जो निर्धारण किया था, उसका सत्यापन कराने पर कई स्कूलों का निर्धारण गलत मिला है। यदि किसी स्कूल की सड़क से दो किलोमीटर की दूरी को तीन किया जाता तो भी चल जाता, लेकिन एक किलोमीटर की दूरी को पांच दर्शाया जाएगा तो नहीं चलेगा। इसी तरह स्कूल की ऊंचाई एवं अन्य मानकों का भी गलत निर्धारण कर भेजा गया। बीईओ से सत्यापन कराए जाने पर इस तरह के कई मामले पकड़ में आए हैं, जिसे ठीक किया गया है। 28 मई को डीएम के प्रतिनिधि सीडीओ की अध्यक्षता में बैठक के बाद ही यह सूची फाइनल होगी।-पदमेंद्र सकलानी, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक

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