
नोएडा। यमुना के डूब क्षेत्र में हुए स्थाई निर्माण की सर्वे रिपोर्ट नोएडा प्राधिकरण और सिंचाई विभाग के मुख्यालय को सौंपी जाएगी। ओखला बैराज से आगरा कैनाल तक 25 किलोमीटर का क्षेत्र उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग का है। यहां पर किसान अपनी जमीन पर कृषि कर सकते हैं, लेकिन स्थाई निर्माण पर पाबंदी है। ऐसे में पिछले कई सालों से कॉलोनी काटने का काम किया गया, जो अवैध है। इसका सर्वे सिंचाई विभाग ने करके रिपोर्र्ट तैयार की है, जिसे मुख्यालय और नोएडा प्राधिकरण को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट मिलने के बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। एनजीटी ने हिंडन और यमुना के किनारे बसे अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकार को निर्देश दिया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरएस यादव के अनुसार सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था, जिसके बाद से ही सर्वे करके रिपोर्ट बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर प्राधिकरण को मुहैया करवा देंगे, जिससे आगे की कार्रवाई हो सके। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने का काम नोएडा का है, इसलिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि डूब क्षेत्र में किसानों की जमीन है, जहां पर सिर्फ खेती की जा सकती है। यहां पर किसी भी प्रकार का स्थाई निर्माण करना सिंचाई विभाग के कानून के खिलाफ है। अधिकारियों का कहना है कि काफी संख्या में किसान अपनी जमीन कॉलोनाइजरों को बेच रहे हैं, जिसके बाद कॉलोनी काटने का काम हुआ है। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तोड़फोड़ का काम किया जाएगा।
