बाबा हरदेव के दर्शनों को उमड़ी भक्तों की भीड़

नादौन (हमीरपुर)। वीर भूमि नादौन में निरंकारी मिशन के प्रादेशिक समागम का शानदार आगाज हो गया है। भव्य शोभायात्रा के साथ दो दिन चलने वाले इस समागम का शुभारंभ शनिवार को हुआ। निरंकारी बाबा हरदेव सिंह के दर्शन को नादौन में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ऐतिहासिक नगरी नादौन में हजारों लोग पहुंच गए हैं। नादौन में शनिवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। संत निरंकारी बाबा हरदेव सिंह के नादौन पधारने की खुशी में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। विभिन्न परिधानों में सजे अनुयायियों ने शानदार अंदाज में निकाली झांकी के दौरान बाबा का आशीर्वाद लिया।
इंद्रपाल चौंक से दो किलोमीटर दूर मझीण चौंक तक हजारों की संख्या में लोग शोभा यात्रा में शामिल हुए। मझीण चौंक के समीप बनाए गए पंडाल में बाबा हरदेव सिंह अपनी धर्म पत्नी के साथ विराजमान हुए। इनके दर्शन के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। जैसे-जैसे शोभायात्रा उनके नजदीक पहुंची, विभिन्न क्षेत्रों के निरंकारी मंडल से जुड़े सदस्यों ने बाबा का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कुछ देर उनके समक्ष अपने-अपने क्षेत्र के नृत्य प्रस्तुत किए। इससे भडोली क्षेत्र भक्तिमय हो गया। भजनों और गुरुवाणी से पूरा वातावरण गुंजायमान हो गया।
इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह कैंटीन, लंगर और अन्य इंतजाम अनुयायियों के लिए किए गए हैं । रविवार को दिनभर संत समागम का दौर चलेगा। समागम में शरीक होने के लिए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार सहित हिमाचल के कोने-कोने से लोग यहां पहुंचे हुए हैं। संत निरंकारी मिशन के मीडिया प्रभारी कृपा सागर ने कहा कि समागम में हजारों लोग शरीक हुए हैं। पूरी व्यवस्था के लिए निरंकारी मिशन का सेवादल दिन रात डटा हुआ है ।

नादौन में दिखा लघु भारत का नजारा
नादौन (हमीरपुर)। संत निरंकारी समागम के बहाने नादौन समृद्ध भारत की सांस्कृतिक विरासत के साथ अनेकता में एकता की झलक देखने को मिली है। समागम में पूरे लघु भारत का नजारा देखने को मिला। जाति, धर्म का भेदभाव छोड़ यहां सब एक दूसरे के चरण स्पर्श करने के पश्चात गले मिलते हुए देखे गए। शोभायात्रा में पंजाब का भांगड़ा आकर्षण का केंद्र रहा तो गिद्दे पर मुटयारनें झूम उठी। राज्य स्तर के संत निरंकारी समागम का शुभारंभ भव्य शोभा यात्रा के साथ हुआ। इसमें पारंपरिक वेषभूषा में किन्नौर, कूल्लू, भरमौर, शिलाई तथा पंजाब के कलाकारों ने झांकी की शक्ल में नृत्य करते हुए जहां हिमाचली संस्कृति की झलक दिखाई वहीं पंजाब से आए श्रद्धालुओं ने भांगड़ा से वहां की संस्कृति से रूबरू करवाया। हरियाणवी पहनावे में आए श्रद्धालुओं की शोभायात्रा के दौरान निकली झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही। निरंकारी मिशन के सेवादारों का अनुशासन देखते ही बनता है। बैंडबाजे की धुन पर कदम से कदम मिलाते हुए सेवादार शोभायात्रा के दौरान आकर्षण का केंद्र रहे। स्थान स्थान पर स्थानीय लोगों तथा सेवादारों ने गर्मी की तपिश से भक्तों को राहत देने के लिए ठंडे पानी की छबीलें लगा रखी थीं।

झलकियां
हजारों की संख्या में दो दिवसीय समागम में श्रद्धालु पहुंचे हैं। इसमें संत निरंकारियों के बेहतर प्रबंधन की झलक दिखी। शोभा यात्रा के दौरान ट्रैफिक वन वे रहा। भक्तों के लिए लंगर का विशेष प्रबंध है। कुल्लू की नाटी तथा पंजाब के गिद्दे की समागत में धमाल रही। विभिन्न बैंड पार्टियों ने आकर्षक नजारा पेश किया । व्यास पुल के निकट बनाए गए अस्थायी रथ पर पूज्य बाबा हरदेव सिंह जी ने संगतों को दर्शन दिए।

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