
बिलासपुर। आल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी ने अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक मंत्रालय की सलाहकार समिति के देश में नए अल्पसंख्यक केंद्रीय विश्वविद्यालय खोलने के प्रस्ताव का समर्थन किया है। सोसायटी के उपाध्यक्ष हुसैन अली ने यहां जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अल्पसंख्यकों की युवा पीढ़ी के मद्देनजर इस प्रस्ताव को अवश्य मंजूरी देंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय हिमाचल को भी मिलना चाहिए। उनके अनुसार हिमाचल प्रदेश में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े लोगोें की संख्या काफी है। मुस्लिम, सिख के अलावा यहां पर बौद्ध अनुयायियों की संख्या काफी अधिक है। लिहाजा, हिमाचल में भी इस तरह का संस्थान होना चहिए। हुसैन अली के अलावा चंबा से परवेज अली, शिमला से मुराद खान, सुंदरनगर से अब्दुल गफर शेख, सिरमौर से डायरेक्टर डिसिपलिन इंजीनियरिंग यासीन, निदेशक अब्दुल रशीद, नसीम मुहम्मद, बिलासपुर से शान अली, हाजी गुलामयुदीन, डायरेक्टर यूथ अंब ऊना से सफीक अहमद, अमीना रशीद, खुर्शीद शेख ने कहा कि अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय खोलने के लिए उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और कर्नाटका को प्रस्तावित किया गया है। जबकि उत्तरी क्षेत्र के किसी भी प्रदेश का इसमें जिक्र नहीं है। अल्पसंख्यकों की संख्या के हिसाब से हिमाचल में आबादी कम नहीं है। मुस्लिम, सिख, इसाई, बौद्ध, जैन, पारसी से जुडे़ लोग काफी संख्या में यहां रह रहे हैं।
