
बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के पंचायत घरों में सेवाएं दे रहे चौकीदार एवं ब्लाक स्तर पर पंचायतों में चल रहे सिलाई केंद्रों की अध्यापिकाएं इन दिनों तनाव की स्थिति से गुजर रही हैं। इस वर्ग को पिछले सितंबर 2012 से लेकर अभी तक आठ माह का वेतन नहीं मिला है। इसे लेकर पंचायत घरों के चौकीदारों और सिलाई केंद्रों की 27 अध्यापिकाओं में विभाग के प्रति रोष बढ़ गया है।
पंचायत चौकीदारों में विशन दास, रोशन लाल, छोटू, जनक राज, कुलवीर सिंह, जमालदीन, हरिचंद, गुरवचन सिंह, हुकम चंद, अशोक कुमार तथा सिलाई अध्यापिकाओं में सलोचना देवी, राज राणी, ज्योति, आशा देवी, तारा देवी, कविता, कांता देवी, पूनम कुमारी, कमलेश कुमारी, सुदेश कुमारी तथा अर्चना देवी का कहना है कि एक तो मानदेय बहुत कम है। ऊपर से आठ महीने से वेतन नहीं मिला है। महंगाई के दौर में वे अपने परिवार की दिनचर्या की जरूरतों को बगैर पैसे के कैसे पूरा कर पाएंगी। इन सभी ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जल्द वेतन दिलवाने की गुहार लगाई है। उधर, जिला पंचायत अधिकारी कुसुम शर्मा ने बताया कि मामला उनके ध्यान में है। शिमला कार्यालय से वेतन का भुगतान बैंकों में हो चुका है। लेकिन, वेतन भोगियों के खातों में पैसा ट्रांसफर क्यों नहीं हुआ, इसकी जल्द जांच कर पंचायत चौकीदारों एवं सिलाई अध्यापिकाओं को वेतन का भुगतान करवा दिया जाएगा।
