
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा से शिलाई एनएच-72बी मार्ग की हालत बेहद खस्ता हो गई है। सतौन से कमरऊ के बीच पारलों में विगत वर्ष बरसात में डंगा ढहा था। इस स्थल पर एक वर्ष से सड़क बेहद तंग है। कभी भी कोई बढ़ा अप्रिय हादसा हो सकता है। लेकिन, एनएच और लोक निर्माण विभाग इस संभावित जानलेवा खतरे पर आंखें मूंदे बैठा है। इस स्थल पर न तो सड़क के नीचे डंगा लगाया जा रहा और न ही ऊपर की ओर कटाई करवा कर सड़क चौड़ी की जा रही है।
कमरऊ निवासी जिया लाल राणा, प्रवेश शर्मा, प्रताप ठाकुर, दिनेश शर्मा, मामराज शर्मा, मदन ठाकुर, कपिल तोमर, करतार सिंह, कंवर सिंह ठाकुर व अनित शर्मा निट्टू ने बताया कि एक वर्ष पहले बरसात में पारलों के समीप भूस्खलन से सड़क टूट गई थी। तब से इस स्थल को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। अब इस स्थल पर नीचे गहरी खाई व ऊपर की तरफ चट्टान है। एक वर्ष बाद भी इस स्थल को दुरुस्त नहीं किया जा सका है। अब ज्यादा बारिश होने या फिर बरसात आने पर इस स्थल पर कभी भी कई दिनों के लिए मार्ग ठफ हो सकता है। इस स्थल पर बढ़े वाहनों के हादसे का हमेशा खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि सतौन के समीप कच्ची ढांक से तिलौरधार के बीच सड़क कम गड्ढे ज्यादा हैं। इससे दोपहिया तथा छोटे वाहनों को सड़क पर चलाना कठिन हो गया है। इस मार्ग को पक्का नही किया जा रहा। केवल मिट्टी भर कर गड्ढे भरे जाते हैं। इससे दिन भर सड़कों पर धूल उड़ती रहती है। बारिश होने पर फिर इन स्थलों पर गड्ढे हो जाते हैं, जिससे लोगों को बसों व अन्य वाहनों में खूब हिचकोले खाने पड़ते हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता कमरऊ रफीक मोहम्मद ने कहा कि इस स्थल पर दीवार का एस्टीमेट एनएच विभाग ने बनाया है। शीघ्र पारलों के समीप क्षतिग्रस्त सड़क स्थल को ठीक करने का कार्य किया जाएगा।
