
शिमला। राजधानी में पानी की बर्बादी करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने कड़ी कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। वीरवार लेबर ब्यूरो के कार्यालय में लगी पानी की टंकी के ओवरफ्लो होेने पर दफ्तर का पानी कनेक्शन प्लग (अस्थायी तौर पर) काट दिया गया है। इसके अलावा छोटा शिमला, संजौली और कैथू में भी कनेक्शन प्लग किए गए हैं।
अब दो हजार रुपये का जुर्माना चुकाने के बाद ही कनेक्शन जुड़ेगा। दूसरी बार अगर पानी की टंकी ओवर फ्लो होते हुए पाई गई तो पांच हजार रुपये का जुर्माना चुकाना होगा। नगर निगम ने पानी की लीकेज और ओवर फ्लो टंकियों पर नजर रखने के लिए कमेटी गठित की है। इसमें निगम की जल एवं शाखा के फील्ड कर्मियों सहित कनिष्ठ अभियंताओं की जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। पीने के पानी को बर्बाद करने वालों को सिर्फ चेतावनी देकर नहीं छोड़ा जा रहा है। जिस उपभोक्ता की पानी की टंकी ओवर फ्लो होते हुए पाई गई, उस पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पानी का कनेक्शन भी काट दिया जाएगा। उपभोक्ता अगर दूसरी बार भी पकड़ा गया तो जुर्माने की राशि बढ़ाकर पांच हजार की जाएगी। इसके अलावा गाड़ियां धोने, बगीचों में खुलकर सिंचाई करने और किसी भी अन्य तरीके से पानी की पाइपें खुले में छोड़कर पानी बर्बाद करने वालों के खिलाफ भी नगर निगम ने अभियान छेड़ दिया है। पानी की पाइपों की लीकेज पर भी निगम सख्त है। फील्ड स्टाफ को लीकेज की समस्याओं को फौरन दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं। निगम अभियंता विजय गुप्ता ने लेबर ब्यूरो सहित 16 पानी के कनेक्शन प्लग करने की पुष्टि की है।
