प्रचंड गर्मी से गड़बड़ाई लोगों की सेहत

चंबा। जिला चंबा में पारा 40.1 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। प्रचंड गर्मी के कारण कई बीमारियों ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। प्रतिदिन क्षेत्रीय अस्पताल चंबा व आयुर्वेदिक अस्पताल चंबा में काफी संख्या में रोगी पहुंच रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में बुधवार को 150 के करीब तथा आयुर्वेदिक अस्पताल में 50 के करीब मरीजों ने अपना चेकअप करवाया। दिन भर अस्पताल में रोगियों की भीड़ रही। इसमें सबसे अधिक रोगी जलजनित रोगों के शिकार हुए हैं। डायरिया, टायफायड, वायरल फीवर, उल्टी व दस्त के कारण लोग बीमार पड़ गए हैं। बच्चों से लेकर युवाओं को जलजनित रोगों ने पूरी तरह से जकड़ लिया है। चिलचिलाती धूप में मरीजों को क्षेत्रीय अस्पताल में पहुंचने में भी दिक्कतें पेश आ रही हैं। अस्पताल प्रबंधन ने जिला वासियों को बीमारियों के बचाव के लिए आवश्यक सुझाव दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लोगों को स्वच्छता का भरपूर ध्यान रखना चाहिए। अधिक ठंडे पेय पदार्थों का सेवन भी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। मौसम के कड़े मिजाज से लोगों की सेहत पर विपरीत असर पड़ रहा है।
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क्लोरीन डालकर या उबाल कर पीएं पानी
जिला स्वास्थ्य विभाग के एमडी डा. जितेंद्र महाजन ने बताया कि गली-सड़ी सब्जियों, दूषित जल के प्रयोग, बिना ढके हुए खाद्य पदार्थ खाने से लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गर्मियों में स्वच्छ पानी का भरपूर सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद रहता है। पानी में क्लोरीन की टिकियां डालकर पीने से बीमारियां फैलने का खतरा कम रहता है। वहीं जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के प्रभारी अनिल भाई पुरी ने बताया कि वासी खाना खाने व अस्वच्छ पानी पीने से लोगों को उल्टी, दस्त, डायरिया व बुखार हो रहा है। गर्मियों में बीमारियों से बचाव के लिए पानी उबाल कर पीना चाहिए और खाद्य वस्तुओं को भी ढककर रखना बेहद जरूरी है।

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अभी 5 दिन और सताएगी गर्मी
मौसम विभाग की मानें तो जिला में अगले पांच दिनों तक उमस भरी गर्मी का असर रहेगा। शिमला के सहायक मौसम विज्ञानी विजय कुमार ने बताया कि 24 मई के बाद ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का अनुमान है। प्रदेश में इसका अवसर 27 मई के बाद ही दिखेगा। इसके चलते अभी चार दिन बाद ही प्रदेश को गर्मी से निजात मिल सकती है। 26 मई को प्रदेश के कम ऊंचाई वाले पहाड़ों पर गर्जना के साथ छिंटे पड़ने की संभावना है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 27 मई को ही बारिश होने की संभावना है।

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