यात्रियों की जान से खिलवाड़ क्यों?

काईस (कुल्लू)। खटारा बसों के दम पर हिमाचल परिवहन निगम कुल्लू डिपो अपनी नैया पार लगाने की नाकाम कोशिश कर रहा है। निगम के बेडे़ में शामिल करीब 19 बसें निधार्रित एक्सपायरी तिथि की अवधि पूरी कर चुकी हैं। बसों की हालत खराब होने से यात्री भी इनमें सवारी करने से परहेज करने लगे हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम के कुल्लू डिपो को करीब 10 बसों की कमी है। खटारा तथा बसों की कमी के कारण अब निगम की बसों की बजाय लोग टैक्सियों से सफर करने को मजबूर हैं। बसों की दयनीय होने से पर्यटन कारोबार पर भी असर पड़ने लगा है। हैरानी की बात तो यह है कि 9 लाख किलोमीटर की निर्धारित दूरी तय करने के बावजूद कुल्लू डिपो में शामिल इन बसों को नहीं हटाया जा रहा है। कुल्लू डिपो के पास वर्तमान में 116 बसें हैं। लोग सस्ते किराए के चलते निगम की बसों में सफ र करने को प्राथमिकता तो देते हैं लेकिन वाहनों की खराब हालत के चलते कई मजबूरन टैक्सियों में आवागमन कर रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो बसें 9 लाख किलोमीटर की निर्धारित दूरी तय कर चुकी हैं। तय मापदंडों के मुताबिक 9 लाख किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बसों को बेड़े से बदल दिया जाता है लेकिन यहां पर ऐसा नहीं हो सका है।
कुल्लू के आरएम पवन कुमार शर्मा ने माना कि डिपो में करीब 19 बसें निर्धारित दूरी तय कर चुकी हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसके लिए खराब सड़कें भी जिम्मेदार हैं।

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