लाहौल-स्पीति में बिना संगठन उप चुनाव लडे़गी भाजपा?

केलांग (लाहौल-स्पीति)। क्या प्रदेश भाजपा हाईकमान लाहौल-स्पीति विधानसभा क्षेत्र में मंडी संसदीय उप चुनाव की जंग बिना संगठन के लड़ने के मूड में है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि जनजातीय विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार से लेकर रणनीति तय करने का जिम्मा भाजपा हाईकमान खुद शिमला से ही रिपोर्ट के जरिए संचालित करेगी। हाईकमान को लगता है कि लाहौल-स्पीति भाजपा के भीतर वर्चस्व को लेकर सुलग रही गुटबाजी की चिंगारी पार्टी प्रत्याशी के लिए चुनाव पर भारी पड़ सकती है। कार्यकारिणी का गठन करके चुनाव के ऐन मौके पर हाईकमान जिला भाजपा के किसी भी गुट को निराश कर जोखिम उठाने के पक्ष में नहीं है। लाहौल-स्पीति भाजपा की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर पिछले कुछ रोज से पार्टी के भीतर गतिरोध चल रहा है। बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक डा. मारकंडेय अपने समर्थकों को कार्यकारिणी में शामिल करने और विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे नेताओं को बाहर रखने के लिए हाईकमान पर लगातार दबाव बना रहे हैं। भाजपा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष सूरत राम की मंशा है कि कार्यकारिणी में दोनों गुटों के लोगों को बराबर तवज्जो मिले। हालांकि, सूरत राम ने कार्यकारिणी की सूची तैयार कर हाईकमान को भेज दी है। चुनावी बेला पर कार्यकारिणी के गठन के बीच पार्टी के भीतर चल रहे गतिरोध से कार्यकर्ता भी परेशान हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि पार्टी संगठन खड़ा किए बगैर क्या लाहौल-स्पीति भाजपा चुनाव में अपने प्रत्याशी को बढ़त दिला पाएगी।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सत्तपाल सत्ती ने माना कि लाहौल-स्पीति भाजपा की कार्यकारिणी के गठन को लेकर कुछ दिक्कतें पेश आ रही हैं। सत्ती ने कहा कि मंडी लोकसभा उप चुनाव को देखते हुए फिलहाल कार्यकारिणी का गठन टाल दिया गया है।

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