
थानाकलां (ऊना)। किश्तवाड़ में तैनात एसएसबी का जवान विजय कुमार छुट्टी आने पर गांव के सभी लोगों से मिलता है। आस पड़ोस के बच्चों के लिए चाकलेट एवं टाफी आदि लेकर आता है। गांव के सभी बच्चे बेसब्री से विजय के आने का इंतजार करते थे। उपमंडल बंगाणा की बोहरू पंचायत के गांव लिदकोट का विजय करीब 22 वर्ष पहले सीमा सुरक्षा बल में भर्ती हुआ। सोमवार देर रात जम्मू के घटनाक्रम में विजय ने दो सैनिकों को गोली मार दी और दो को गोली मार कर घायल कर दिया है। विजय की पत्नी कांता देवी का कहना है कि उसके पति ने कभी चींटी को नहीं मारा है तो सहकर्मी पर गोलियां कैसे चला सकता है। पंचायत प्रधान राज कुमार ने बताया कि विजय एक प्रतिष्ठित परिवार से संबंध रखता है और इसके पिता भी सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद स्वर्ग सिधार गए हैं। यह अकेला भाई है, एक बहन थी, उसकी बीमारी से मृत्यु हो गई थी। विजय की पत्नी हाउस वाइफ है। इनके दो लड़के तथा एक लड़की है। गांव की वार्ड सदस्य विमला देवी का कहना है कि विजय एक होनहार सिपाही था। यह घटनाक्रम दुर्भाग्यपूर्ण है। रीता देवी और सरोज कुमारी वार्ड सदस्य का कहना है कि विजय जब घर आता है तो आस पड़ोस के बच्चों के लिए टाफी और चाकलेट लेकर आता है। जम्मू के किश्तवाड़ इलाके में सोमवार देर रात विजय ने एसएसबी के सहकर्मी दो जवानों नरेंद्र और वीर सिंह पर अंधाधुंध फायरिंग करके उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। इस घटनाक्रम में दो जवान रविंद्र नाथ और हबीब-उल-इस्लाम को गंभीर रूप से घायल कर दिया है। घटना के बाद विजय को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा पूछताछ जारी है। घटना की जानकारी गांव में पहुंचने पर गांव वासी और विजय के परिजन अचंभित हैं। सभी का कहना है कि यह सब दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके पीछे विजय को फंसाने की कोई साजिश भी हो सकती है।
