स्वां चैनलाइजेशन में करोड़ों की गड़बड़ी

ऊना। स्वां नदी तटीकरण परियोजना के तहत निपटाए गए 235 करोड़ के कार्य में घपले के आरोपों के चलते जिला परिषद अपने स्तर पर इसकी जांच के लिए आगे आई है। इसके लिए बाकायदा जिप अध्यक्ष रानी रणौत के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में जिला परिषद उपाध्यक्ष अवतार सिंह, जिप सदस्य सोमदत्त और अवतार सिंह घुघी भी शामिल हैं। जिला परिषद उपाध्यक्ष अवतार सिंह ने बताया कि जांच कमेटी के साथ परियोजना के अधिकारियों ने स्पॉट विजिट भी किया है। जिसकी बाकायदा वीडियोग्राफी की गई है। संतोषगढ़ से घालूवाल होते हुए अंब तथा गगरेट तक स्वां नदी को चेनालाइज किया गया है। जिस पर करीब 235 करोड़ रुपए खर्च हुए। स्वां नदी की 73 सहायक नदियों को भी चेनालाइज करने की योजना है। जिसके लिए 800 करोड़ मंजूर हुए हैं। अवतार सिंह ने कहा कि निपटाए गए 235 करोड़ रुपए के कार्य में नियमों को ताक पर कार्य कराया गया। चंद लोगों को फायदा पहुंचाने के मकसद से मुफ्त में लाई गई मिट्टी के भी करोड़ों रुपए वसूले गए। स्पॉट विजिट के दौरान जांच टीम के साथ परियोजना के दो सहायक अभियंता और एक कनिष्ठ अभियंता भी मौके पर गए थे। कार्य के दौरान ऊपर से मिली गाइडलाइन को नजरअंदाज करते हुए अंडर वेट पत्थर इस्तेमाल किए। पुणे से जारी गाइडलाइन के अनुसार जिस वजन का पत्थर इस्तेमाल करने को कहा था, उस वजन का पत्थर इस्तेमाल नहीं हुआ। अंडर वेट होने के कारण पत्थर क्रेट वायर से छिटक रहे हैं। भैरा सलूरी में तो क्रेट वायर से पत्थर निकलने के कारण इधर-उधर गिर गए हैं। इसके अलावा और भी कई तरह की धांधलियां हुई हैं। जिप उपाध्यक्ष अवतार सिंह ने कहा कि जांच के बाद पूरी रिपोर्ट विजिलेंस को सौंपी जाएगी।

कांग्रेस की चार्जशीट में था मामला
विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने स्वां नदी तटीकरण परियोजना में घपले के आरोप लगाते हुए इस मामले को अपनी चार्जशीट में शामिल किया था। चार्जशीट राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को भी सौंपी गई थी। चार्जशीट में शामिल कई मामलों को विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो को भी सौंपा गया है।

लोगों से भी ली जानकारी : रणौत
जिप अध्यक्ष रानी रणौत ने कहा कि स्पॉट विजिट के दौरान स्थानीय लोगों से भी जानकारी ली गई। परियोजना के एसडीओ और जेई भी कमेटी के साथ थे। स्थानीय लोगों ने कहा कि स्वां नदी का तटीकरण होने से किसानों की जमीन बच गई। भू कटाव भी कम हुआ है। रानी रणौत के मुताबिक अंडर वेट पत्थरों के इस्तेमाल पर परियोजना के अधिकारियों ने कहा कि जहां जैसे पत्थर उपलब्ध हुए उनक ा इस्तेमाल किया गया।

कुछ स्थानों पर किया निरीक्षण : अधिकारी
स्वां चैनलाइजेशन परियोजना के अधिशासी अभियंता एनएम सैणी ने कहा कि जिप अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा अन्य जिप सदस्यों के साथ परियोजना के अधिकारी गए थे। उन्होंने कुछ जगहों पर परियोजना के कार्य को देखा तथा स्थानीय लोगों से भी बातचीत की।

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