
रामपुर बुशहर। मंडी संसदीय सीट के लिए उप चुनाव की घोषणा हो चुकी है लेकिन रामपुर में भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए ही आगे की राह आसान नहीं है। रामपुर में दोनों ही दल कई धड़ाें में बंटे हुए है। ऐसे में दोनों ही दलों के नेताओं को रामपुर क्षेत्र से लोकसभा प्रत्याशी को बढ़त दिलाना आसान नहीं होगा। रामपुर के विधायक नंदलाल के सीपीएस बनने के बाद उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है।
रामपुर में भाजपा के नेता राज्य कार्यकारिणी और अन्य प्रकोष्ठों के चयन को लेकर आपस में उलझे पड़े हैं। इस कारण रामपुर भाजपा मंडल पहले ही अंदरखाते एक-दूसरे की काट में लगा हुआ है जबकि कांग्रेस की हाल भी कुछ अलग नहीं है। सत्ता में आते ही रामपुर कांग्रेस कई धड़ों में बंट चुकी है। इसका एक धड़ा विधायक के साथ है जबकि एक धड़ा प्रतिभा सिंह के साथ जुड़ा है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले रामपुर के विधायक नंदलाल को सीपीएस बनाकर उनके लिए लोकसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी को बढ़त दिलाना प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है।
भाजपा रामपुर मंडल के अध्यक्ष विजय सिंह विष्ट का कहना है कि भाजपा मंडल में अब किसी बात को लेकर कोई विवाद नहीं है। कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष सतीश वर्मा का कहना है कि पार्टी उप चुनाव को लेकर पूरी तरह से तैयार है। क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी को ही लीड मिलेगी।
