
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद के तहत आने वाली दलिगघाट – सेरशोक सड़क पर नाबार्ड द्वारा डेढ़ करोड़ की राशि खर्च करने के बाद भी क्षेत्र के लोगों को बस सेवा का लाभ नहीं मिल रहा। सड़क तैयार होने के चार वर्ष बाद भी इस सड़क पर अभी तक बस नहीं चली है। इसके चलते क्षेत्र की तीन पंचायतों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासी सोमदत्त शर्मा, पूर्व पंचायत प्रधान मानगढ़ सुरेंद्र प्रकाश ठाकुर, विनोद शर्मा, घेंदो महिला मंडल प्रधान चंद्र शांता, सेर शोग महिला मंडल प्रधान गंगा देवी, सुखदत्त, हरी राम, शमशेर सिंह और जितेंद्र ने बताया कि दलिग धाट-सेर शोक सड़क पर नाबार्ड के माध्यम से डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए हैं। लेकिन हैरानी की बात है कि लोगों को बस सुविधा का लाभ अभी तक नहीं मिला। इसके चलते क्षेत्र की तीन पंचायतों के सैकड़ों लोगों को आज भी सराहां आने के लिए या तो प्राइवेट गाड़ी का सहारा लेना पड़ता है या फिर मीलों का सफर पैदल तय करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क पर 13 अगस्त 2012 को सरकारी बस का उद्घाटन किया गया था। लेकिन यह बस सेवा मात्र दो दिन ही चल पाई थी। हालांकि इस सड़क पर सरकारी बस के चलने से नैरी नावन, मानगढ़ व चमेंजी पंचायत के पिलब सीतवाल, रैन बाडू, घेंदो, बटोल, कैंथली, शगलाहां, सेर शोक, मानगढ़, सोड़ा दयाड़ी, रावना, खील, बेलू, जमेणा और थामला गांवों के लोग लाभान्वित होने थे। लेकिन यहां के लोगों को आज तक बस सुविधा का लाभ नहीं मिला। लोगों का कहना है कि इस बारे शीघ्र ही क्षेत्र का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और परिवहन मंत्री जीएस बाली से मिलेगा। उधर क्षेत्रीय प्रबंधक नाहन डीआर धीमान ने बताया कि सड़क पर बस सेवा चलाने को लेकर सराहा बस अड्डा प्रभारी से बातचीत की जाएगी। इसके बाद ही इस बारे में निर्णय लिया जाएगा।
