लंबित पड़ी मांगों को लेकर मजदूर उग्र

कुल्लू। पार्वती चरण दो-बरशैणी में पटेल वर्कर्स यूनियन सीटू ने मजदूरों की लंबित पड़ी मांगों को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। यूनियन ने धमकी दी है कि अगर शीघ्र मजदूरों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो संघर्ष छेड़ दिया जाएगा। शुक्रवार को यूनियन ने इस मुद्दे को लेकर बैठक भी की। बैठक की अध्यक्षता सीटू के राज्य सचिव प्रेम गौतम ने की।
गेट मीटिंग में करीब 400 मजदूरों ने भाग लिया। मजदूरों नेताओं ने कहा कि परियोजना में काम कर रहे मजदूरों का मासिक वेतन अभी तक कंपनी ने नहीं दिया है। इस कारण मजदूरों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी सरेआम श्रम कानून का उल्लंघन कर रही है। प्रेम गौतम ने बताया कि हिमाचल सरकार द्वारा अप्रैल 2012 से मजदूरों की दिहाड़ी में जो 10 रुपये और सितंबर माह 2012 में 20 रुपये की बढ़ोतरी की थी उसका एरियर अभी तक कंपनी ने मजदूरों को नहीं दिया है। लीव सैलरी बोनस भी अभी तक मजदूरों को नहीं मिला है। कंपनी के अंदर जो दर्जनों ठेकेदार हैं उनके अधीन काम कर रहे मजदूरों के ईपीएफ में भी गड़बड़ी है। कुछ ठेकेदारों ने मजदूरों का ईपीएफ सही तरीके से जमा नहीं किया है और वहीं पीएफ विभाग से मिलने वाला सालाना पीएफ की स्लिप अभी तक वर्कर्स को नहीं मिली है।
परियोजना में काम कर रहे मजदूरों के लिए शिफ्ट बस का प्रबंध किया गया था लेकिन बस खराब होने के चलते मजदूरों को पांच छह किलोमीटर पैदल सफर करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा परियोजना में काम कर रहे जिन मजदूरों की मृत्यु हो चुकी है उनके परिवार को ईपीएफ विभाग से मिलने वाली पेंशन अभी तक नहीं मिली है। इन सब समस्याओं को देखते हुए पटेल वर्कर्स यूनियन सीटू ने लेबर कमिश्नर चंडीगढ़, उपायुक्त कुल्लू , एनएचपीसी महाप्रबंधक को प्रतिलिपी भेजी है। इस मौके पर पटेल वर्कर्स यूनियन सीटू के प्रधान बुद्धि सिंह, सचिव केसर ठाकुर, उपप्रधान दान सिंह ने कहा कि अगर एनएचपीसी के मुख्य प्रबंधक ने समस्याओं का शीघ्र हल नहीं निकाला तो यूनियन 27 मई को पार्वती चरण दो में एनएचपीसी और पटेल प्रबंधन का घेराव करेगी।

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