फिर कैसे स्वच्छ होगा बंजार का बाजार

काईस (कुल्लू)। कुल्लू-मनाली और भुंतर के बाद अब बंजार कस्बे को भी सीवरेज सिस्टम से जोड़ने के प्रयास तेज हो गए हैं। सात वार्डों वाले नगर पंचायत बंजार क्षेत्र में सीवरेज की पाइप लाइन बिछाने तथा ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण पर करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। लेकिन शहर को सीवरेज कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए सरकार से पर्याप्त बजट नहीं मिल रहा।
कुल्लू-मनाली और भुंतर शहर में सीवरेज का कनेक्शन लेने में हो रही आनाकानी को देखते हुए अब बंजार में सीवरेज का काम शुरू करने से पहले उपभोक्ताओं से इसके शपथ पत्र लेने पर भी विभाग विचार कर रहा है। आईपीएच महकमे ने शहर में सीवरेज की कनेक्टिविटी के लिए करीब करीब ढाई करोड़ रुपये का एस्टिमेट सरकार को भेजा था। सरकार से सिर्फ दो लाख रुपये की राशि ही मिल पाई है। ऐसे में सवाल उठता है कि जिला कुल्लू में स्वच्छता का नारा कैसे बुलंद हो पाएगा।
स्वच्छता अभियान में सालाना करोड़ों रुपये खर्चा करने वाली सरकार ने दो लाख रुपये की राशि ही मंजूर की है। शमशी डिविजन के अधिशासी अभियंता बीएल गुप्ता ने बताया कि बंजार शहर के लिए 2 करोड़ 45 लाख 28 लाख रुपये का एस्टिमेट बनाकर सरकार को भेजा था लेकिन इस संदर्भ में दो लाख रुपये की राशि ही मिल पाई। जल्द ही इससे अधिक राशि मिलने की उम्मीद है। इसके बाद सीवरेज का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा।
पर्यावरण क्षेत्र में काम कर रहे एनजीओे हिमालयन पर्यावरण प्रोटेक्शन सोसाइटी के अध्यक्ष अभिषेक राय ने कहा कि शहर में घरों और सार्वजनिक शौचालयों की नालियाें
से व्यास नदी में गंदगी बहाई जा रही है। इससे व्यास और इसकी सहायक नदियां दूषित होने लगी हैं। ऐसे में सीवरेज सिस्टम को प्रभावी ढंग से दुरुस्त करना जरूरी है।

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