बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी

नेरचौक (मंडी)। जिले में गत शनिवार से हो रही बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बारिश के कारण गेहूं की फसल को काफी नुकसान होने से किसानों की नींद हराम हो गई है। जिन किसानों ने फसल काट कर खेतों में रखी थी, वह बारिश से पूरी तरह बर्बाद हो गई। हालांकि खड़ी फसल को बारिश से ज्यादा नुकसान नहीं है। रविवार को भी पूरे दिन रुक-रुक कर बारिश होती रही।
मिनी पंजाब के नाम से प्रसिद्ध बल्ह घाटी के नेरचौक, भंगरोटू, ढांगू, साई, साई, गागल, लखौरा, डडौर, नागचला, चक्कर, कुम्मी, घट्टा, स्टोह, कसारला, टांबा व करेड़ी आदि इलाकों में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के किसान धर्म सिंह ठाकुर, पदमनाथ, दिनेश वालिया, कमल सेन, जगदीश वालिया, लेख राम ठाकुर, कृष्ण चंद, धर्मपाल, राकेश, बलदेव, कश्मीर सिंह, दुर्गा सिंह, तेज सिंह, राम चंद्र, कृष्ण चंद, जवाहर राम, गोविंद, राकेश, सूरज, रमेश कुमार, अश्वनी व ललित आदि का कहना है कि क्षेत्र के किसानों ने गेहूं की फसल काट कर थ्रेसिंग के लिए खेतों में रखी थी। रात को भी जोरदार बारिश होने से पूरी फसल बर्बाद हो गई है। फसल पककर तैयार होने से बल्ह क्षेत्र के किसान थ्रेसिंग के काम जुटे थे, लेकिन ऐन वक्त पर बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। गेहूं की फसल को हुए नुकसान से किसानों की नींद हराम हो गई। उधर, सरकाघाट, धर्मपुर व टिहरा क्षेत्र में बारिश से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसान सभा के अध्यक्ष परस राम ने सरकार से मांग की है कि नुकसान का जायजा लेकर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
कृषि विभाग के उपनिदेशक हरीश जम्बाल ने माना कि बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में किसानों ने गेहूं फसल काट कर थ्रेसिंग के लिए खेतों में रखी थी। वहां पर फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि खड़ी फसल को बारिश से नुकसान नहीं है।

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