शिमला में धरना देंगे 108 के कर्मचारी

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश 108 कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन (संबंधित सीटू) ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर राज्य सरकार के प्रति तल्खी जाहिर की है। बिलासपुर में रविवार को संपन्न हुई यूनियन की राज्य स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि 23 मई को यूनियन का प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य निदेशक को अपना मांगपत्र प्रस्तुत करेगा। यदि उनके 18 सूत्रीय मांगपत्र पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई तो 17 जून को शिमला में 108 कांट्रेक्टर वर्कर्स यूनियन स्वास्थ्य निदेशालय के बाहर धरना देगी।
सीटू के राज्य महासचिव डा. कश्मीर ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में 108 योजना के तहत कार्यरत सैकड़ों वर्करों की समस्याओं के संदर्भ में चरचा की गई। योजना में कार्यरत वर्करों का कहना है कि श्रम कानूनों का सख्ती से पालन करने की वकालत की है। कश्मीर ठाकुर ने कहा कि इस वर्ग को न्यूनतम वेतन, निर्धारित छुटिटयां, पीएफ, ईएसआई सुविधा तथा वेतन पर्ची इत्यादि कानूनों के प्रावधान के अनुसार नहीं दिया जा रहा है। विडंबना यह है कि लगातार अठारह से बीस घंटे तक सेवाएं देने के बावजूद ओवरटाइम का भी भुगतान नहीं किया जा रहा। बैठक में श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए मजदूरों को मनमर्जी से बाहर निकालने के बारे में चिंता जाहिर की गई। यूनियन ने मांग की है कि छंटनी किए गए मजदूरों को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए। अन्यथा यूनियन बड़ा आंदोलन खड़ा करने के लिए विवश हो जाएगी। इस असर पर 17 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। इसमें सारिका पटियाल को प्रधान, विजय को सचिव, रजनीश को कोषाध्यक्ष, विष्णु व कर्मचंद को उपाध्यक्ष, विक्रम व राजेश को सहसचिव की जिम्मेवारी दी गई। महेश, अतिश, प्रवीण, अरुण, पृथ्वी, प्रकाश, रोहित और राजेश कमेटी मे बतौर सदस्य रहेेंगे। बैठक में सीटू के राज्य सहसचिव लखनपाल शर्मा और विजेंद्र मेहरा ने भी 108 कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

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