
चिंतपूर्णी (ऊना)। छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार के दिन बारिश की रिमझिम फुहारों के बीच श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में पड़ रही भीष्ण गर्मी से यहां उन्हें काफी राहत मिली, लेकिन सैकड़ों हजारों की संख्या में श्रद्धालु छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लिए लाइनों में खडे़ भीगते रहे और चिंतित भी दिखे। कइयों को बिना दर्शन किए वापस जाना पड़ा। मंदिर न्यास के पास भीष्ण गर्मी हो या बरसात श्रद्धालुओं के खडे़ होने की कोई भी सुविधा नहीं है। दूसरी ओर लिफ्ट के दरवाजे पर भी दिन भर सैकड़ाें श्रद्धालुओं का हुजूम बैक डोर एंट्री के लिए उमड़ता रहा। अनियंत्रित, हांफती व्यवस्थाओं के लिए लाइनों में घंटों श्रद्धालु मंदिर प्रशासन को कोसते दिखे। माता के द्वार में ऐसी अनियमितताओं से श्रद्धा तो आहत होती है, साथ ही सैंकड़ों लोग यूं ही बिना दर्शनों के ही घरों को वापिस जाने को मजबूर हो रहे हैं। गुजरात के अहमदाबाद से मां के दर्शनों को सुमित कुमार परिवार सहित पहुंचा था लेकिन लंबी-लंबी लाइनों के आगे उसका हौसला टूट गया और बिना दर्शनों के ही वापिस लौटना पड़ा। उन्होंने बताया कि छोटी बच्ची गाड़ी में ही सो रही है, उन्होंने सोचा कि नन्ही बच्ची को बारिश में कैसे लेकर जाएं, लेकिन यहां लंबी-लंबी लाइनों में वह भी दर्शन न कर पाए। इसी तरह प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों के भी कई श्रद्धालु यूं ही बिना दर्शनों के लौटने को मजबूर हुए। मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान ने बताया कि मंदिर के कपाट रात 2 बजे ही खोल दिए गए थे। रविवार के दिन काफी भीड़ रही और बरसात के कारण काफी परेशानी हो रही थी उन्होंने माना कि लिफ्ट पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ रही थी। इस कारण लाइनों में खडे़ श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही ऐसी व्यवस्थाओं को सुधारा जाएगा।
