
हमीरपुर। राज्य महिला आयोग ने वर्ष 1999 से 2013 तक कुल पांच हजार 923 शिकायतों का निपटारा किया है। इस अवधि में आयोग के पास कुल 6 हजार 766 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 843 शिकायतें अभी तक लंबित हैं। महिला आयोग की अध्यक्ष धनेशवरी ठाकुर ने पत्रकार वार्ता में कहा कि हमीरपुर में शुक्रवार को कुल 30 शिकायतें पहुंची। 7 का मौके पर समाधान कर दिया गया। जबकि 5 मामले दोनों पक्षों के मौजूद न होने से लंबित रहे। इनके अलावा 18 शेष मामलों को विचाराधीन रखा गया है।
उन्होंने कहा कि 1997 में राज्य महिला आयोग की स्थापना की गई थी। महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा, घरेलू हिंसा, पीड़ित आदि समस्याओं का समाधान किया जाता है। किसी भी मामले में शिकायत आने पर आयोग शिकायत संबंधी विभागों जैसे पंचायत, पुलिस आदि की मदद लेता है और 15 दिन के भीतर दोनों पार्टियों को शमन जारी कर उनकी समस्या का समाधान करवाया जाता है। मध्यम और गरीब वर्ग के साथ साथ उच्च वर्ग की शिकायतें भी महिला आयोग पहुंचती हैं। सभी शिकायतों को आयोग प्राथमिकता के आधार पर लेता है।
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2012-13 में आयोग ने पति व ससुराल द्वारा पीड़ित महिलाओं के प्रदेशभर से कुल 284 मामले आयोग के पास पहुंचे। इनमें से आयोग ने 176 मामलों का निपटारा कर दिया है। वहीं कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न के कुल 11 मामले पहुंचे। इसके आयोग ने गत वर्ष कुल 12 मामले निपटाए हैं। पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न के 62 मामले पहुंचे। जबकि आयोग ने 76 मामलों का निपटारा किया। मृत्यु एवं हत्या के कुल 9 मामले आए जबकि 6 मामलों का निपटारा कर दिया गया। दहेज उत्पीड़न के वर्ष में कुल दो मामले सामने आए हैं। विभिन्न विभागों द्वारा उत्पीड़न के कुल 17 मामले आयोग के पास पहुंचे हैं। इनमें से 12 शिकायतों का आयोग ने निपटारा कर दिया है। अन्य जमीनी विवादों संबंधी मामलों में 123 में सेे 63 मामलों का आयोग ने निपटारा कर दिया है। कुल मिलाकर आयोग के पास गत वर्ष 563 मामले आयोग के पास पहुंचे हैं। आयोग ने 395 शिकायतों का निपटारा कर दिया है।
