
ऊना। टेट रोड प्रोजेक्ट के अधिकारियों का कहना है कि ऊना-भोटा-जाहू-नेरचौक सुपर हाइवे का निर्माण बरसात से पहले पूरा होगा। धीमे कार्य की गूंज विधानसभा में गूंजने के बाद इसके निर्माण में कुछ तेजी आई है। अधिकारियों का कहना है कि इस मार्ग पर टायरिंग का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। बीच में कुछ जगहों पर चट्टानी क्षेत्र होने से निर्माण में कुछ समय लगेगा। वहां ब्लास्टिंग के जरिये मार्ग को चौड़ा किया जाएगा। इस मार्ग के तैयार होने से चंडीगढ़, शक्तिपीठ चिंतपूर्णी से कुल्लू-मनाली जाने वाले पर्यटकाें और क्षेत्र के लोगों को फायदा होगा। बरसात में कलखर से बाया ढलवाहन ट्रैफिक को डायवर्ट करने की भी आवश्यकता नहीं रहेगी। धीमे निर्माण कार्य के चलते पिछली बरसात में इस मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद किया गया था। कई किलोमीटर लंबी एवं संकरी सड़क से वाहनों को भेजा गया। मार्ग के तैयार होने से लोगों और पर्यटकाें लाभ मिलेगा और समय की भी बचत होगी।
कलखर से नैरचौक तक कटेंगे हजारों पेड़
इस मार्ग का नाम ऊना-भोटा-जाहू-नेरचौक सुपर हाईवे है। हालांकि स्टेट रोड प्रोजेक्ट के तहत इस मार्ग का निर्माण कलखर तक ही किया जा रहा है। कलखर और नेरचौक के बीच करीब 20 किलोमीटर का फासला है। यदि यह मार्ग नेरचौक तक बनेगा तो कलखर और नेरचौक के बीच चीड़, वान, बिहुल और अन्य फलदार पेड़ हजारों की संख्या में काटे जाएंगे। कलखर से यदि इस मार्ग को रिवालसर होते हुए बनाया जाता है तो भी हजारों पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलेगी।
डीपीआर में कलखर तक है रोड
स्टेट रोड प्रोजेक्ट के अधिशासी अभियंता एसके शर्मा ने कहा कि इस मार्ग का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। टायरिंग का कार्य चल रहा है और कुछ पहाड़ी इलाकों में चट्टानों को ब्लास्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कलखर तक मार्ग बरसात से पूर्व तैयार किया जाएगा। यह हाईवे डीपीआर में कलखर तक ही है। कलखर से आगे हाईवे निर्माण का अभी कहीं कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि जब भी कलखर से आगे सड़क चौड़ी होगी तो पेड़ भी काटने पड़ेंगे।
