
थानाकलां (ऊना)। बंगाणा उपमंडल में प्रदेश सरकार की ओर से किसानों के लिए 85 प्रतिशत सब्सिडी पर सस्ते बांस के पॉलीहाउस निर्माण की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। उपमंडल के दजर्नों लोगों ने बांस के पॉलीहाउस निर्माण के लिए आवेदन कर रखा है। कृषि विभाग की ओर से कई किसानों से एग्रीमेंट किए चार माह का समय बीत चुका है, लेकिन बांस के पॉलीहाउस का निर्माण नहीं हो पाया है। किसानों में दिनेश कुमार, पुन्नू राम, होशियार सिंह, सूरम सिंह, पंकज शर्मा, कमलदेव, महिंद्र सिंह और पुष्पा देवी का आरोप है कि जिला कृषि विभाग क्षेत्र में बांस के पॉलीहाउस निमार्ण पर सक्रिय नहीं दिख रहा है। अन्य जिलों में बांस के सैकड़ों पॉलीहाउस का निमार्ण किया जा चुका है, लेकिन उपमंडल बंगाणा में अभी तक एक भी बांस के पालीहाउस का निमार्ण न हो पाना विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है। बांस के पॉलीहाउस गर्मी के मौसम में सब्जी की पैदावार के लिए बेहतर आंकेगए हैं। प्रदेश सरकार ने गरीब किसानों को पालीहाउस लगाने के लिए 85 फीसदी छूूट पर बांस के पालीहाउस बनाने की योजना आरंभ की थी। इससे कम खर्चे पर गरीब किसान भी नकदी फसलों की पैदावार कर अपनी आर्थ्की को सुदृढ़ कर सकें, लेकिन यह योजना बंगाणा उपमंडल में दम तोड़ रही है। किसानों ने बताया कि विभाग के अधिकारियों ने चार माह पहले उनसे सरसों की कच्ची फसल ही कटवा दी कि 15 दिन के अंदर उनके पॉलीहाउस बना दिए जाएंगे। पॉलीहाउस निमार्ण वाले स्थान पर किसान गेहूं की फसल की बिजाई भी नहीं कर पाए हैं। इससे किसानों में विभाग के प्रति रोष है। किसानों ने आरोप लगाया कि पॉलीहाउस निर्माण के लिए सैकड़ों बांस, रेत बजरी एवं सीमेंट भी विभाग की ओर से चार माह पहले मंगवा लिया गया है, जो कि अब बर्बाद हो चुका है एवं उनका हजारों रुपये का नुकसान भी हो चुका है। किसानों का आरोप है कि विभाग के कर्मचारियों ने निजी कंपनी के ठेकेदारों को उसने चार-चार हजार रुपये की अग्रिम राशि भी दिलवा दी है। अब ठेकेदार को फोन मिलाते हैं तो वह फोन ही नहीं उठाते। किसानों ने प्रदेश सरकार से शीघ्र समस्या का हल करने की मांग की है।
इस संबंध में कृषि विभाग के एडीओ जयंत चीमा का कहना है कि पॉलीहाउस निर्माण करने वाले ठेकेदार से लगातार संपर्क किया जा रहा है जिन किसानों के एग्रीमेंट किए गए हैं शीघ्र उनके पॉलीहाउसों का निर्माण प्राथमिकता के आधार करवा दिया जाएगा।
