
बिलासपुर। केंद्र की सत्ता से कांग्रेस को बाहर करने के लिए भाजपा नए फार्मूले पर काम करने जा रही है। बूथ स्तर पर भाजपा की मजबूती के लिए नई रणनीति तैयार की गई है। बूथ लेबल पर नेताओं की जिम्मेदारी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। पदाधिकारी को एक बूथ संभालना होगा। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस पहल को अहम माना रहे हैं।
आमतौर पर देखा गया है कि संगठनात्मक चुनाव के दौरान बूथ कमेटियां, मंडल से जिला स्तर तक की कार्यकारिणी बना ली जाती है। बूथ स्तर की मजबूती को ठोस कदम नहीं उठाए जाते। अब भाजपा ने पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करने के लिए नया फार्मूला तैयार किया है। इसके तहत बूथ प्रधान से बड़ा पदाधिकारी जो मंडल, जिला या फिर प्रदेश कार्यकारिणी में है, उसे एक बूथ संभालना होगा। यह बूथ उसी के हवाले रहेगा। इसकी मजबूती के लिए उसे प्रयास करने होंगे। भाजपा के प्रदेश महासचिव और विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि इससे बूथ स्तर पर पार्टी और मजबूत होगी। राष्ट्रीय हाईकमान से ही इसके आदेश हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने भी इसकी सराहना करते हुए गंभीरता से लिया है। निश्चित तौर पर आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी को इसका फायदा मिलेगा।
