17 अफसरों को बुलाया चार पहुंचे, हंगामा

अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये से बीडीसी धर्मशाला की बैठक रद
लगातार दूसरी बार रद हो गई बैठक
जनवरी में भी नहीं पहुंचे थे अफसर
मुख्यमंत्री से शिकायत की तैयारी की
विकास पर नहीं हो सकी फिर चरचा
अफसरों के न आने से उग्र हुए बीडीसी
सत्ता परिवर्तन के बाद एक बैठक नहीं
धर्मशाला। पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) की बैठक अफसरों के गैर जिम्मेदाराना रवैये की भेंट चढ़ गई। विकास खंड धर्मशाला की बैठक बुधवार को तय थी। इसमें 17 अफसरों को बुलाया गया था। बैठक में सिर्फ चार पहुंच सके। इस पर बीडीसी सदस्यों ने खूब बवाल किया और बैठक रद कर दी। अधिकारियों की शिकायत मुख्यमंत्री से करने का फैसला लिया गया है। हंगामे के बीच बैठक को रद कर दिया गया।
बैठक रद होने के कारण विकास के कामों पर चरचा नहीं हो सकी। सत्ता परिवर्तन के बाद बीडीसी धर्मशाला की एक भी बैठक नहीं सकी। इससे पूर्व जनवरी माह की बैठक भी सरकारी विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण स्थगित करनी पड़ी थी। बीडीसी अध्यक्ष सुदामनी जरियाल, उपाध्यक्ष ममता मिश्रा, बीडीसी सदस्य ओंकार सिंह, प्रदीप कुमार, अनीष कुमार, विपिन कटोच, अरुण डोगरा, गुजरो देवी, सपना, मनुराधा, बलदीप, कांता, सोकणी द कोट पंचायत प्रधान ममता, पंचायत प्रधान रेश्मा, मंत पंचायत प्रधान संदीप बाबी समेत सभी पार्षदों ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से कांगड़ा जिले के सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों को त्रैमासिक बैठक में भाग लेने के लिए कहा गया था, लेकिन बैठक में सिविल सप्लाई कारपोरेशन, जिला कल्याण विभाग, बिजली बोर्ड तथा पीडब्ल्यूडी से ही अधिकारी पहुंचे।
स्वास्थ्य विभाग, आईपीएच, उद्यान, वन, वेटरनरी तथा सौर उर्जा समेत अन्य विभागों से एक भी अधिकारी बैठक में नहीं आया। अफसरों के न आने से विकास कार्यों सहित दूसरी समस्याओं पर चरचा नहीं हो सकी। बैठक को स्थगित कर दिया गया। विपन कटोच और अरुण डोगरा ने कहा कि धर्मशाला बीडीसी ब्लाक के तहत स्वास्थ्य विभाग के तीन ब्लाक चिकित्सा खंड तियारा, खंड कांगड़ा और शाहपुर चिकित्सा खंड आते हैं, लेकिन विभाग से एक भी अधिकारी नहीं पहुंचा। बीडीसी सदस्यों ने कहा कि जल्द ही इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।

Related posts