कैसा पीएचसी, खून जांच तक की सुविधा नहीं

संतोषगढ़ (ऊना)। प्रदेश सरकार ने नगर पंचायत संतोषगढ़ का दर्जा बढ़ाकर चाहे नगर पालिका कर दिया हो, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं से संतोषगढ़ अभी भी पिछड़ा हुआ है। संतोषगढ़ पीएचसी में उपचार होना तो दूर लोगों को रक्त जांच करवाने की भी सुविधा नहीं मिल पा रही है। उपचार करवाने के लिए लोगों को या तो निजी क्लीनिकों में धन लुटाने को विवश होना पड़ता है, या फिर पंजाब के कस्बा नंगल स्थित बीबीएमबी और एनएफएल के अस्पतालों में जाकर धक्के खाने पड़ते हैं। हालत यह है कि पीएचसी में मात्र एक ही चिकित्सक तैनात किया गया है, जो आपातकालीन सेवाओं के अतिरिक्त ओपीडी को भी संभालता है। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों में राजेश कुमार, रजत, सुरेश पटियाल, बलदेव चंद, सरवण कुमार, पूर्व पार्षद राम किशन, पूर्व नपं अध्यक्ष परमेश शर्मा, शिव किशोर वासुदेव, नरेश कुमार, देवराज और ज्ञान चंद का कहना है कि पीएचसी में लोगों को सुविधाएं मिलने की बजाय परेशानियां ही मिलती हैं, जिससे लोगों को निजी क्लीनिकों और पड़ोसी सूबे के अस्पतालों की ओर भागना पड़ता है। इससे उनके समय और धन की बर्बादी होती है। आसपास के लगभग आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के हजारों लोग भी इसी पीएससी पर निर्भर हैं। उन्होंने सरकार और विभाग से मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में कड़े कदम उठाते हुए लोगों को घर-द्वार पर सुविधाएं देने के लिए प्रयास करने चाहिए।

जल्द दूर होंगी दिक्कतें
सीएमओ डा. जीआर कौशल का कहना है कि कर्मचारियों की कमी और सुविधाओं के अभाव को दूर करने के लिए विभाग कृतसंकल्प है। संतोषगढ़ के लोगों की समस्याओं का जल्द निवारण किया जाएगा।

अव्यवस्थाओं से जूझ रहे लोग : विधायक
विधायक सतपाल सत्ती का कहना है कि भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को पुख्ता करने में हर संभव प्रयास किया है। लेकिन, कांग्रेस के सत्ता संभालते ही लोग अव्यवस्थाओं से जूझने के लिए छोड़ दिए गए हैं।

अब कांग्रेस दे रही ध्यान : रायजादा
जिला कांग्रेस सचिव सतपाल रायजादा का कहना है कि भाजपा सरकार ने पांच साल तक लोगों की समस्याओं पर गौर नहीं किया है। अब कांग्रेस इस तरफ ध्यान दे रही है। जल्द ही सभी सुविधाओं को मुकम्मल कर लोगों के दुखों को दूर किया जाएगा।

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