चीनी हरकतों पर शिवसेना तल्ख

मैहतपुर (ऊना)। भारत-चीन सीमा पर आपसी तनातनी को लेकर युद्ध की आशंका बढ़ गई है, लिहाजा इस पर केंद्र सरकार को जल्द संजीदगी दिखानी होगी। प्रदेश शिवसेना ने चीनी हरकतों पर खेद जताया है। शिवसेना के प्रदेशाध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ ने बुुधवार को कहा कि भारत और चीन के सैनिकों के बीच आपसी तनातनी खतरनाक मोड़ ले सकती है। लद्दाख में चीनी सैनिकों की बढ़ती घुसपैठ पर शिवसेना ने तल्ख तेवर दिखाते हुए कार्रवाई की मांग उठाई है। वशिष्ठ ने कहा कि 2010 के बाद अब तक 600 से भी ज्यादा बार चीनी सैनिकों ने सीमा का उल्लंघन किया है। भारत-चीन युद्ध के पचास साल बाद भी सीमा पर आपसी तनाव का कम न होना युद्ध के संकेत दे रहा है। रक्षा विशेषज्ञ भी इस बात को मानते हैं कि भारत-चीन के आपसी मतभेद बढ़ते ही जा रहे हैं। चीनी सैनिक भारत की सीमाओं के अंदर घुसकर अपना सैन्य जमावड़ा तैयार कर रहे हैं। विश्व में सबसे ज्यादा आबादी का दबाव चीन पर बढ़ने से वह सीमावर्ती इलाकों को अपने कब्जे में करने की फिराक में है। चीन में शासन कर रही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के आखिरी कांग्रेस सम्मेलन में ऐसे चार प्रस्ताव भी पास हुए थे, जिनमें चीन ने खोए हुए हिस्सों को पुन: शामिल करने की बात कही है। तिब्बत में चीन पहले से ही बड़ी तादाद में सैनिकों का जमावड़ा खड़ा कर चुका है। चीन के हेलीकाप्टर भारतीय सीमा में घुसपैठ कर चुके हैं, लेकिन भारत सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।

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