पांच माह से नहीं ओवर टाइम और रात्रि भत्ता

रामपुर बुशहर। हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो कर्मचारी किसी भी हद तक जा सकते हैं। रामपुर में सुंयक्त संघर्ष समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि 23 अप्रैल को शिमला धरने के लिए रामपुर से 150 कर्मचारी भाग लेंगे। इसके लिए सभी ने छुट्टी के लिए आवेदन कर दिया है। बैठक की अध्यक्षता संयुक्त संघर्ष समिति के प्रधान जीवन सिंह ने की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि परिवहन निगम को रोडवेज का दर्जा दिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले पांच माह से ओवर टाइम और रात्रि भत्ता नहीं मिल रहा है। इससे कर्मचारियों की आर्थिक हालत बिगड़ रही है। इसके अलावा यह भी मांग की गई कि भर्ती और प्रमोशन नियमों में संगठनों की सहमती से ही अंतिम रूप दिया जाए। छह साल से अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित किया जाए। इसके अलावा जो लोग परिवहन निगम में कमिश्नर पर काम कर रहे है, उन्हें अनुबंध पर रखा जाए। 01-05-2003 से बंद की गई पेंशन सुविधा को फिर से बहाल किया जाए। समिति ने मांग की है कि टाइम स्केल दिया जाए। समिति ने साफ कर दिया कि अगर सरकार कर्मचारियों के विरोध में लिए गए फैसलों को वापस नहीं लेती तो मजबूरी में कर्मचारियों को आंदोेलन कर रास्ते पर चलना पड़ेगा।
इस मौके पर तकनीकी संगठन के नवल किशोर, पूर्व राज्य उपाध्यक्ष दलीप नेगी, पूर्व प्रधान मनोहर लाल, प्रकाश चंद, सचिव सुरेश कुमार, प्रेस सचिव किशोर, कुलदीप वर्मा, सुमेंद्र ठाकुर, प्रताप, चुड़ा राम, योग राज, मान सिंह, रूकम देवी, कुलभूषण, संतोष कुमारी, ज्ञानेश्वरी देवी और दिला राम सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

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