
सुप्रीम कोर्ट द्वारा संजय दत्त को चार सप्ताह की राहत दिए जाने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं।
बुधवार को मामले की सुनवाई में सीबीआई वकील और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल हरेन रावल ने संजय दत्त की याचिका का विरोध किया।
सुप्रीम कोर्ट ने संजय दत्त को दी चार सप्ताह की मोहलत
उन्होंने कहा कि मंगलवार को मुंबई धमाके की तीन दोषियों की ऐसी ही याचिका को चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर की बेंच ने रद्द कर दी थी, इसलिए संजय दत्त को भी राहत नहीं दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संजय को राहत देना दूसरे दोषियों के हक में नहीं होगा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के मुंबई बम धमाकों के तीन दोषियों को आत्मसमर्पण के लिए और समय देने से मंगलवार को इंकार कर दिया था।
इन सभी ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका लंबित होने के आधार पर सरेंडर होने के लिए और समय की मांग की थी।
संजय होंगे जेल में, उनकी फिल्में थिएटर में
जैबुनिशा अनवर काजी, इश्हाक मोहम्मद हजवाने और शरीफ अब्दुल गफूर उर्फ दादाभाई ने शीर्षस्थ अदालत में याचिकाएं दाखिल की थीं।
सर्वोच्च अदालत ने 21 मार्च को अपने फैसले में इन लोगों से कहा था कि वह सुनाई गई सजा भुगतने के लिए सरेंडर कर दें।
आज के फैसले के बाद जैबुनिशा काजी की बेटी ने कहा, ‘हमने भी हेल्थ ग्राउंड पर राहत मांगी थी लेकिन कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया।
उन्होंने बताया कि उनकी मां की उम्र 71 वर्ष है और उनका किडनी का ऑपरेशन भी हुआ, इन आधारों पर उन्होंने राहत की मांग की थी।
