
नाहन (सिरमौर)। पथ परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के आह्वान पर मंगलवार को एचआरटीसी के कर्मचारियों ने वर्कशॉप पर गेट मीटिंग की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
संगठन के महासचिव कन्हैया लाल कौशिल ने जारी बयान में बताया कि सरकार की ओर से 12 फरवरी को उनकी मांग पत्र के जवाब में आश्वासन दिया था कि कर्मियों की वाजिब मांगों को पूरा किया जाएगा लेकिन उसे अभी तक मंजूर नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों को मजबूरन दूसरी बार आंदोलन के लिए उतरना पड़ा।
उन्होंने बताया कि सरकार को सौंपे गए 37 सूत्रीय मांगों में निगम को रोडबेज बनाया जाए। बुकिंग एजेंटों को अनुबंध आधार पर लगाया जाए। 3 अक्तूबर 2012 को 48 घंटे ड्यूटी के आदेश को रद कर दिया जाए। अनुबंध पर लगे कर्मचारियों को औद्योगिक विकास अधिनियम 1947 के प्रावधानों के अनुसार 240 दिन की सेवा के बाद नियमित किया जाए। सभी वर्गों के कर्मचारियों के लिए संशोधित ग्रेड पे को लागू किया जाए।
उन्होंने बताया कि कर्मचारी 22 अप्रैल तक अपने-अपने क्षेत्रों में गेट मीटिंग एवं नारेबाजी करेंगे। यदि सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो 23 अप्रैल को पूरे प्रदेश से कर्मचारी शिमला स्थित मुख्यालय का घेराव करेंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
इस मौके पर प्रदेश पथ परिवहन सर्व कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र सैणी, मदन लाल पाल, जयकिशन, राम कुमार, रायजादा, जमीला खां आदि उपस्थित थे।
