
शिमला। कालका-शिमला फोरलेन प्रोजेक्ट की जद में आने वाले घरों को बचाने के लिए मर्ज एरिया के पार्षद एकजुट हो गए हैं। मंगलवार को ढली के पार्षद शैलेंद्र चौहान, मल्याणा के पार्षद नरेंद्र ठाकुर, चम्याणा के पार्षद कुलदीप ठाकुर और कसुम्पटी की पार्षद कुसुम ठाकुर ने नेशनल हाइवे विभाग से दोबारा सर्वे करने की मांग की है। इस मांग को लेकर मर्ज एरिया के पार्षद प्रभावित लोगों को एकजुट करने में भी जुट गए हैं। राजनीतिक नफा-नुकसान छोड़ भाजपा, कांग्रेस और माकपा जनहित में एक मंच तले आ गए हैं।
ढली के पार्षद शैलेंद्र चौहान ने बताया कि एनएच विभाग की अधिसूचना के मुताबिक ढली, मल्याणा, चम्याणा और कसुम्पटी वार्ड के कई क्षेत्र फोरलेन के बीच में आ रहे हैं। कई लोगों के पूरे मकान तो कइयों के बरामदे, सीढ़ियां और सेफ्टी टैंकों को तोड़ा जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि तीन बार पहले भी सर्वे हो चुका है लेकिन, तब वन क्षेत्र आने के चलते एनएच विभाग ने दोबारा से सर्वे किया। सेटेलाइट के माध्यम से किए गए सर्वे में इस बार आबादी वाले क्षेत्रों से फोरलेन बनाने की रणनीति तैयार की गई है। पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों को लामबंद किया जाएगा। अगर विरोध प्रदर्शन भी करना पड़ा तो गुरेज नहीं करेंगे। पार्षद कुलदीप ठाकुर ने कहा कि जल्द ही प्रभावित लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर जाएंगे।
