
शिमला। राजधानी के मुख्य बाजारों में भी कारोबारी नियमों को अनदेखा करने से बाज नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को सर्व मंगल योजना के तहत फील्ड में गए निगम अधिकारियों ने ऐसे ही पचास कारोबारियों को नोटिस जारी किए हैं। इन कारोबारियों पर फूड लाइसेंस बनाए बिना कारोबार करने का आरोप है। इसके अलावा कई कारोबारी निगम की डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना से भी नहीं जुड़े हैं।
मंगलवार को सब्जी मंडी का निगम के अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई दुकानदारों के पास फूड लाइसेंस (पीएएफए लाइसेंस) नहीं मिले। निगम अधिकारियों ने बिना लाइसेंस कारोबार कर रहे सभी कारोबारियों को नोटिस जारी करते हुए एक माह के भीतर लाइसेंस बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा लोअर बाजार, मिडल बाजार और माल रोड में कई कारोबारी सैहब सोसायटी को कूड़ा नहीं देने वाले भी निकले। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने ऐसे कारोबारियों को सख्त हिदायत देते हुए मुहिम से जुड़ने के आदेश दिए। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बिना लाइसेंस और कूड़ा नहीं देने वाले पचास कारोबारियों को नोटिस दिए गए हैं।
एचआरटीसी वर्कशाप खुले में फेंक रही पानी
तारादेवी स्थित एचआरटीसी वर्कशाप के दौरे पर गए निगम अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि वर्कशाप से खुले में पानी फेंका जा रहा है। एक बार वर्कशाप प्रबंधन को नोटिस भी दिया गया लेकिन हालत जस के तस हैं। नगर निगम अब कड़ी कार्रवाई करेगा। डीपी सिंह ने बताया कि टुटीकंडी की लंबी लाइन में सीवरेज लाइन बिछाने की मांग की गई है।
सड़क किनारे मिट्टी फेंकने वालों को चेताया
निगम के वास्तुकार एवं योजनाकार राजीव शर्मा ने विकासनगर में सड़क किनारे मिट्टी फेंकने वाले लोगों को व्यवस्थाएं सुधारने के आदेश दिए। इसके अलावा खुले में सीवरेज फेंकने वाले लोगों को भी चेताया।
