
हिमाचल के निजी विश्वविद्यालयों में प्रोफेशनल कोर्सेज की फीस एक लाख रुपए सालाना का आंकड़ा पार कर गई है।
कुछ नए कोर्स निजी विवि में शुरू होने के साथ ही सरकार ने नए फीस स्ट्रक्चर को भी मंजूरी दे दी है। शिक्षा सचिव के. संजयमूर्ति की ओर से इस बारे में अधिसूचना जारी हुई है।
निजी विश्वविद्यालयों में प्रोफेशनल कोर्सेज जैसे एमबीए, एमटेक, एमफार्मा आदि के लिए केवल ट्यूशन फीस में ही सालाना एक लाख से ज्यादा का भुगतान प्रति सीट करना होगा। इसमें होस्टल एवं अन्य खर्चे अलग से हैं।
निजी विवि में इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री की ट्यूशन फीस एक लाख तीस हजार प्रति वर्ष है। एमबीए, एमटेक, एम फार्मा की फीस एक लाख से एक लाख बीस हजार तक तय की है।
बीए की साधारण डिग्री की ट्यूशन फीस 10 हजार से 18 हजार तक है। एमए के लिए 20 से 45 हजार हर साल चुकाने होंगे। नया फीस ढांचा आगामी सत्र के साथ ही लागू हो जाएगा।
सरकार ने हर निजी विश्वविद्यालय को चार से पांच नए कोर्स शुरू करने की अनुमति दी है। सबसे ज्यादा बीस कोर्स शुरू करने की अनुमति कांगड़ा के निजी विवि को और सबसे कम एक कोर्स हमीरपुर के निजी विश्वविद्यालय को चलाने की अनुमति है।
सभी विश्वविद्यालयों को अपनी वेबसाइट पर नया फीस ढांचा प्रदर्शित करना होगा।
सरकार ऐसे तय करती है फीस
हिमाचल में हर साल नए कोर्स और फीस के लिए निजी विश्वविद्यालयों की ओर से उच्च शिक्षा विभाग को एक प्रस्ताव भेजा जाता है। इसे शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय कमेटी निजी विवि का निरीक्षण कर फाइनल करती है।
निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कोर्स शुरू करने की स्वीकृति दी जाती है और निजी विवि में मौजूद सुविधाओं से फीस स्ट्रक्चर तय होता है।
