अग्निशमन केंद्र होता तो बच जाते आशियाने

बरठीं (बिलासपुर)। झंडूता विकास खंड के तहत कपाहड़ा में हुई आगजनी की घटना के बाद अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ गई है। आगजनी की घटना के दौरान लोगों ने अग्निशमन केंद्र की कमी शिद्दत के साथ महसूस की। अग्निशमन केंद्र नजदीक होता तो शायद तीन आशियाने जलने से बच जाते। उधर, आगजनी से हुए नुकसान के बाद स्वयं सेवी संस्थाएं मदद के लिए आगे आई हैं। कबीर पंथी समाज ने पीड़ित परिवारों के लिए 5400 रुपए की राशि देने का निर्णय लिया है।
जिला के प्रधान मास्टर भाग सिंह, उप प्रधान बालकराम, महासचिव बलदेव सिंह, कोषाध्यक्ष सीता राम व प्रदेश कार्यकारिणी के संगठन सचिव रमेश चंद व उपप्रधान कृष्णु राम ने बताया कि उक्त आग की चपेट में घर में रखा सारा सामान स्वाह हो गया है। प्रभावित परिवारों को यह सहायता राशि प्रदान की गई है। घुमारवीं क्षेत्र में अग्निशमन केंद्र नहीं होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिलासपुर पहुंचने से पहले ही कई बार आगजनी की घटना के दौरान लोगों के घर जलकर राख हो जाते हैं। कपाहड़ा में तीन मकान जल गए। आग की लपटे इतनी तेज थी कि अग्निशमन केंद्र के वाहनों को रास्ते से ही वापस भेजना पड़ा। क्योंकि उससे पहले ही सब स्वाह हो चुका था। उन्होंने मांग की है कि अग्निशमन विभाग का एक कार्यालय घुमारवीं में खोला जाए ताकि लोगों को आग से हो रहे नुकसान को बचाया जा सके। यदि यह कार्यालय घुमारवीं में होता तो शायद मकान को जलने से बचाया जा सकता था।

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