
कोकसर (लाहौल-स्पीति)। रोहतांग फतेह अभियान के तहत बीआरओ के जवान बुलंद हौसले के साथ राहनीनाला पार गए। राहनीनाला के पास बर्फ की 40 फुट तक ऊंची दीवार को काटकर जवान अब क्रैशर मोड़ के पास रोहतांग बहाली के लिए डटे हैं।
कोकसर की तरफ से भी बीआरओ की टीम ग्राम्फू के बाईपास के करीब पहुंच चुकी है। इसके चलते पैदल चलने वाले राहगीरों को राहत मिली है। यात्रियों को अब मात्र 14 किलोमीटर ही पैदल चलना पडे़गा। इससे उनकी यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी। बीआरओ के कमांडर कर्नल योगेश नायर ने बताया कि राहनीनाला में बर्फ काटकर टीम दो मोड़ आगे पहुंच चुकी है।
उन्होंने कहा कि जवानों के जोश का ही फल है कि बीच-बीच में खराब मौसम होने के बावजूद लंबी दूरी तय करने में कामयाब हुए हैं। पैदल यात्रा करने वाले राहगीरों को लेकर चलने वाले वाहन चालक राजू केलंग, संजू, लामा ज्ञलछन, दोरजे, विनोद रोपसंग, करजी आचो रमेश, मनोज कुमार, रॉकी, अशोक कारपा, संडुप दारचा, केसंग तथा बिट्टू मंडी ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने सात विभिन्न वाहनों में 56 लोगों को राहनीनाला तक पहुंचाया। कोकसर-ग्राम्फू से मनाली की ओर जाने वाले 34 लोगों को राहनीनाला से ही वाहन के द्वारा मनाली पहुंचाया है। शनिवार को भी लोगों की आवाजाही बदस्तूर जारी रही। कोकसर और मढ़ी बचाव चौकी के प्रभारी लूदर सिंह तथा रामप्रकाश ने बताया कि शनिवार को 74 लोग कोकसर की ओर से मनाली पैदल निकले हैं। मनाली की ओर से 54 लोग रोहतांग दर्रा पार कर लाहौल सुरक्षित पहुंचे हैं।
