पंजाब की तर्ज पर मांगे वित्तीय लाभ

ऊना। हिमाचल प्रदेश होमगार्ड कल्याणकारी संगठन के प्रांतीय मीडिया प्रभारी मुकेश जसवाल ने सरकार से आग्रह किया है कि होमगार्ड जवानों को नियमित करने के लिए कानून बनाया जाए। होमगार्ड जवान 25 से 30 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन लेने वाले कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मात्र 225 रुपए दैनिक भत्ता लेकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सरकार होमगार्ड जवानों को प्रदेश में सेवाएं देने के साथ देश के अन्य राज्यों में भी चुनाव आदि के लिए भेजती रहती है, लेकिन वर्षों से उपेक्षित इस वर्ग की किसी सरकार ने सुध नहीं ली है। वर्ग विशेष के साथ भेदभावपूर्ण रवैया जारी है। इसे लेकर उद्योगमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के मार्फत मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अप्रैल माह में प्रस्तावित ऊना दौरे के दौरान उन्हें ज्ञापन सौंपा जाएगा। जिसमें पंजाब सरकार की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश के आठ हजार होमगार्ड जवानों को पंजाब के समान 350 रुपए दैनिक भत्ता, निशुल्क बस यात्रा, वार्षिक इन्क्रीमेंट का लाभ देने की गुहार लगाई जाएगी। यूनियन के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में मौजूदा समय में 8 हजार जवान पुलिस और अन्य विभागों के साथ रेगुलर कर्मचारियों के बराबर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन कमरतोड़ महंगाई के चलते मात्र 225 रुपये दैनिक भत्ते में इस वर्ग का अपना एवं अपने परिवार का पालन पोषण करना असंभव है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि होमगार्ड जवानों को पंजाब की तर्ज पर तमाम लाभ देकर इस वर्ग को न्याय प्रदान किया जाए।

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