
ऊना। प्रदेश सरकार की ओर से युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए शुरू की गई कौशल विकास भत्ता योजना के तहत ऊना जिले में 8375 युवाओं को इस वर्ष यह भत्ता मिलेगा। इनमें अब तक 1507 युवाओं के बैंक खाते में यह भत्ता राशि हस्तांतरित भी कर दी गई है और इस माह के अंत तक 598 युवाओं के खाते में यह भत्ता हस्तातंरित कर दिया जाएगा। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त दर्शन कालिया ने बुधवार को इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बचत भवन में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में दी। बैठक में जिले के सभी सरकारी एवं निजी आईटीआई संस्थानों, इंजीनियरिंग कालेजों के प्राचार्यों व कंप्यूटर संस्थानों के संचालकों ने भाग लिया। एडीसी ने बताया कि सरकार की ओर से इस महत्वाकांक्षी योजना को कारगर बनाने के लिए नियमों में संशोघन करके सरल बनाया गया है। इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदनकर्ता की आयु 18 से 35 वर्ष तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं रखी गई है। जिले के सभी रोजगार कार्यालयों में इसके लिए निशुल्क आवेदन पत्र उपलब्ध हैं। उन्होंने युवाओं को इस योजना के तहत लाभान्वित करने के लिए हर संस्थान में एक नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश भी प्राचार्यों व संस्थान प्रमुखों को दिए। कौशल विकास भत्ता योजना आरंभ करने का मूल उद्देश्य यही है कि युवाओं की दक्षता में वृद्धि से रोजगार प्राप्त करने की दिशा में उन्हें काफ ी सहायता मिल सकती है। योजना से इस वर्ष प्रदेश के 83 हजार युवा लाभान्वित होंगे तथा चालू वित्त वर्ष में सरकार इस योजना पर 100 करोड़ रुपये खर्च करेगी। पांच वर्षों में योजना पर 500 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बेरोजगार पात्र युवाओं को दो वर्ष की अवधि के लिए यह भत्ता दिया जाएगा। योजना के अंतर्गत 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के पात्र शिक्षित बेरोजगार युवाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से कौशल विकास भत्ता दिया जा रहा है। 50 प्रतिशत विकलांग होने की स्थिति में यह भत्ता 1500 रुपये प्रतिमाह की दर से देय है।
