83 हजार को मिलेगा कौशल विकास भत्ता

ऊना। प्रदेश सरकार की ओर से युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए शुरू की गई महत्वाकांक्षी कौशल विकास भत्ता योजना के ऊना जिले में प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डीसी अभिषेक जैन ने वीरवार को स्थानीय बचत भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया। इसमें जिले के सभी सरकारी एवं निजी आईटीआई संस्थानों, इंजीनियरिंग कालेजों के प्राचार्यों, जिला राजस्व अधिकारी, जिला रोजगार अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों ने भाग लिया। उपायुक्त ने इन संस्थानों के प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने संस्थानों में डिप्लोमा एवं सर्टीफिकेट कोर्स कर रहे उन सभी विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें, जो इस योजना के निर्धारित मापदंड पूरे करते हों। उन्होंने युवाओं को इस योजना के तहत लाभान्वित करने के लिए हर संस्थान में एक नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश भी प्राचार्यों एवं संस्थान प्रमुखों को दिए। डीसी ने कहा कि योजना से इस वर्ष प्रदेश के 83 हजार युवा लाभान्वित होंगे तथा चालू वित्त वर्ष में सरकार इस योजना पर 100 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। पांच वर्षों में योजना पर 500 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बेरोजगार पात्र युवाओं को दो वर्ष की अवधि के लिए यह भत्ता दिया जाएगा। योजना के अंतर्गत 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के पात्र शिक्षित बेरोजगार युवाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह की दर से कौशल विकास भत्ता दिया जाएगा। 50 प्रतिशत विकलांग होने की स्थिति में यह भत्ता 15 सौ रुपये प्रतिमाह की दर से देय होगा। इस अवसर पर जिला रोजगार अधिकारी आरसी कटोच ने बताया कि कौशल विकास भत्ता प्राप्त करने के लिए शिक्षित बेरोजगार युवा हिमाचल का वास्तविक निवासी होना चाहिए तथा वह प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी बोर्ड व विश्वविद्यालय संस्थान से कम से कम दसवीं कक्षा पास होना चाहिए। कौशल विकास भत्ते के लिए प्रार्थना पत्र देने की तिथि पर युवा प्रदेश के किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत होना चाहिए तथा सभी स्रोतों से उसकी वार्षिक पारिवारिक आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए।

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