80 रुपये किलो प्याज से तौबा

ऊना। फेस्टिवल सीजन में महंगाई ने रिकार्ड तोड़ दिया है। बाजार में 80 रुपये किलो बिक रहे प्याज ने लोगों के आंसू निकाल दिए हैं। रविवार को प्याज की कीमतों में एकाएक उछाल आ गया। पिछले दो-तीन दिन प्याज 60 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा था। जबकि, शिमला मिर्च और मटर रविवार को बाजार में 100 रुपये किलो तथा फ्रेंचबीन 80 रुपये किलो के हिसाब से बिके।
कमर तोड़ महंगाई के इस दौर में महंगी सब्जियों ने लोगों की रसोई का जायका छीनने के साथ साथ घरेलू बजट को भी बिगाड़ कर रख दिया है। कई महिलाओं ने कहा कि उन्होंने तो प्याज खरीदना छोड़ दिया है। कुछ महिलाओं ने कहा कि एक प्याज से वह पांच बार तड़का लगा रही हैं। इसी तरह रविवार को बाजार में टमाटर 40 रुपये, बंदगोभी 40, फुलगोभी 60, अरबी 60, भिंडी 40, राम तोरी 30, जिमीकंद 40, कद्दू 30, मूली 30, घिया 40, अदरक 120 और लहसुन 60 किलो के हिसाब से बिके। ऊना के गुलआ मोहल्ले की सीमा, कल्पना शर्मा, मनजीत कौर, पुलवाला बाजार से रजनी शर्मा, सिमरन, कविता और वीना आदि ने कहा कि उन्होंने प्याज खरीदना बंद कर दिया है। इसी तरह वार्ड नंबर चार सविता शर्मा, आशा शर्मा, निर्मला और चंचला देवी ने कहा कि वह एक प्याज से पांच तड़के लगा रही हैं। अन्य महंगी सब्जियों से उन्होंने तौबा कर रखी है। फलों का भी यही हाल है। कोटला कलां के मजदूर देवी सिंह ने कहा कि उनकी छह वर्षीय बेटी पूजा पिछले सप्ताह से शिमला मिर्च की सब्जी खाने की इच्छा जता रही है। शिमला मिर्च महंगी होने के कारण वह इसे खरीदने में असमर्थ हैं।

फसल खराब होने से समस्या
ऊना विपणन समिति के सचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, नासिक तथा देश के अन्य कई हिस्सों में प्याज की फसल खराब होने से ऐसी स्थिति पैदा हुई है। पाकिस्तान से प्याज आयात होने से कीमत में कुछ फर्क पड़ा, लेकिन वह फर्क ज्यादा नहीं था। आफ सीजन के चलते अन्य सब्जियां भी महंगी हुई हैं। नई फसल पर ही कीमतों में कमी की आशा की जा सकती है।

कीमतें प्रति किलो में
सब्जियां 18 अक्तूबर 19 अक्तूबर 20 अक्तूबर
प्याज 60 60 80
टमाटर 30 30 40
शिमला मिर्च 60 70 100
फ्रेंचबीन 60 65 80
बंदगोभी 20 30 40
फुलगोभी 40 50 60
जिमीकंद 30 30 40

Related posts