500 लोगों से पूछताछ और नतीजा सिफर

नई दिल्ली। शकरपुर इलाके में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में संगीत व नाटक विभाग के पूर्व उपनिदेशक आरके बरारू (75) और उनकी पत्नी दुर्गा देवी (72) की हत्या के 11 माह बीत चुके हैं, लेकिन आज तक हत्यारों का सुराग नहीं लगा है। पूर्वी जिला पुलिस की करीब 20 टीमों ने 500 लोगों से पूछताछ की, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। मामला हाई प्रोफाइल था, लिहाजा वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद जांच में दिलचस्पी ली। अमर उजाला ने पूरे मामले की पड़ताल करने की कोशिश की।

क्या था मामला
आरके बरारू और दुर्गा देवी शकरपुर स्थित चार मंजिला मकान बी-50 की पहली मंजिल पर रहते थे। बाकी की तीन मंजिलों पर किराएदार रहते थे। बड़ा बेटा जयकिशन नोएडा, छोटा रवि मुंबई और बेटी नोएडा में रहते हैं। 21 अगस्त 2012 की शाम बरारू डाइंगरूम में और पत्नी बाथरूम में मृत मिलीं। दोनों का गला रेतने के अलावा सिर पर धारदार हथियार से वार किया गया था। घर का सारा सामान भी फैला हुआ था। परिजनों के मुताबिक, लाखों के जेवरात और कैश गायब थे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

अब तक क्या हुआ
शुरू से ही पुलिस मानकर चल रही थी कि वारदात में किसी जानकार का हाथ है। पूर्वी जिला पुलिस की तमाम जांच एजेंसियों ने बरारू के किराएदार, नौकरानी, पड़ोसी, रिश्तेदार, मिलने-जुलने वालों, सब्जी वालों, कबाड़ी, अखबार वाले और पास के दो निर्माणाधीन मकान के मजदूरों समेत करीब 500 लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने बरारू और उनकी पत्नी की मोबाइल कॉल डिटेल निकलवाई। कुछ लोगों की पहचान कर उनसे से भी गहन पूछताछ हुई। कुछ रिश्तेदारों की भी कॉल डिटेल निकलवाई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

पुलिस का कहना है
पूर्वी जिला के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में यह तो साफ है कि वारदात में कोई जानकार शामिल है, लेकिन दंपति की हत्या किसी प्रोफेशनल गैंग से करवाई गई है। पुलिस जेल से छूटे बदमाश और राजधानी समेत एनसीआर के बदमाशों की जानकारियां जुटा रही है। पुलिस अधिकारी ने उम्मीद जताई की मामले को जल्दी ही सुलझा लिया जाएगा।

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