
पंचकूला: करीब 28 घंटे चली आयकर विभाग की जांच में बरवाला व मौली के 5 पोल्ट्री फार्मों पर 11 करोड़ 15 लाख रुपए के आयकर की चोरी पकड़ी गई। आयकर विभाग का शिकंजा कसने के बाद इन पांचों पोल्ट्री फार्मों के मालिकों ने यह अघोषित आय विभाग को सरैंडर कर दी है। सबसे ज्यादा लगभग 5 करोड़ की आयकर चोरी सुविस पोल्ट्री फार्म-1 एवं 2 पर पकड़ी गई। इसके मालिक ने यह राशि आयकर विभाग को सरैंडर कर दी।
50 सदस्यों की टीम गठित
उल्लेखनीय है कि बरवाला, रायपुररानी, मौली एवं आसपास के क्षेत्र में सैंकड़ों पोल्ट्री फार्म हैं और यहां से देश-विदेश में अंडों की सप्लाई की जाती है। कई वर्षों बाद आयकर विभाग ने इन पोल्ट्री फार्मों की आय की तरफ ध्यान दिया और वीरवार दोपहर को लगभग 1 बजे आयकर विभाग की कमिश्नर सरोज देसवाल की अगुवाई में गठित 50 सदस्यों की एक टीम, जिसमें एडिशनल कमिश्नर शालिनी बी. कौशल, डिप्टी कमिश्नर पूजा रस्तोगी, वंदना एवं असिस्टैंट कमिश्नर आयकर मंदीप सहगल भी शामिल थे, ने मौली एवं बरवाला के 5 पोल्ट्री फार्मों पर एक साथ दबिश दी।
सेल में गड़बडिय़ां
आयकर विभाग की टीम ने त्रिवेणी पोल्ट्रीज, संजीव पोल्ट्रीज, सुविस-1 एवं 2, मौली स्थित एस्पायर फार्म प्राइवेट लिमिटेड पोल्ट्री फार्मों पर छापा मारा। विभागीय सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग की टीमों ने इन पोल्ट्री फार्मों के खाते, स्टॉक, नकदी एवं कैपीटल से संबंधित खाते खंगाले। जांच में पाया गया कि ज्यादातर पोल्ट्री फार्मों ने अपनी सेल में गड़बडिय़ां की हुई थीं।
मेल नहीं खाता
ज्यादातर फार्मों ने अपनी सेल के बिल बहुत कम काटे हुए थे। इसके अलावा पोल्ट्री फार्मों में पड़ा स्टॉक एवं नकदी उनके खातों से मेल नहीं खा रही थी। कुछ पोल्ट्री फार्मों द्वारा इन्वैस्टमैंट का भी रिकाòर्ड नहीं दिखाया जा सका। आयकर अधिकारियों ने त्रिवेणी पोल्ट्री फार्म के प्रोपराइटर पंचकूला निवासी रोमिल महाजन, संजीव पोल्ट्री के प्रोपराइटर संजीव कुमार, सुविस पोल्ट्री फार्म के प्रोपराइटर पंचकूला सैक्टर-6 निवासी शिवकुमार गुप्ता एवं एस्पायर फार्म प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के डायरैक्टरों से भी उनके व्यापार के संबंध में लंबी पूछताछ की।
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार सर्वे शुरू होने के कई घंटों तक ज्यादातर पोल्ट्री फार्म मालिक अघोषित आय की राशि सरैंडर करने को तैयार नहीं थे। जब आयकर विभाग की टीम ने इस सर्वे को सर्च में तबदील करने की बात करते हुए उनकी प्रॉपर्टी को अटैच करने और उनके लॉकरों को सील करने की कार्रवाई शुरू की तो पोल्ट्री फार्म मालिकों ने आयकर विभाग के आगे घुटने टेक दिए और अपनी अघोषित आय की राशि का ब्यौरा दिया।
