5 साल बाद पाकिस्तान लौटे मुर्शरफ

कराची: तालिबान की धमकी को दरकिनार करते हुए पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ करीब चार साल के स्व निर्वासन के बाद आज अपने मुल्क पहुंच गए। वह 11 मई को होने वाले संसदीय चुनाव में हिस्सा लेने पाकस्तान लौटे हैं। मुशर्रफ (69) एमिरेट्स की चार्टर्ड उड़ान के जरिए आज दोपहर के समय दुबई से कराची के जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा कारणों से मुशर्रफ को हवाई अड्डे की पुरानी इमारत से सीधे उनके तय स्थान पर ले जाया जाएगा।

दुबई से कराची रवाना होने से पहले मुशर्रफ ने ट्विटर पर कहा, ‘मैं आज दिन में एक बजे कराची पहुंचूंगा और शाम पांच बजे एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करूंगा।’ बाद में मुशर्रफ ने खुद की एक और तस्वीर पोस्ट की और लिखा, ‘मैं अपने घर के सफर के लिए विमान की अपनी सीट पर बैठ चुका हूं।’ उनके पाकिस्तान लौटने से घंटों पहले ही अधिकारियों ने कराची में सभा करने की मुशर्रफ को दी गई इजाजत को रद्द कर दिया था । यह सभा कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना के मकबरे के निकट के मैदान में प्रस्तावित थी।

सिंध पुलिस के प्रवक्ता इमरान शौकत ने बताया कि मुशर्रफ की इस सभा के लिए दिए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र को ‘गंभीर सुरक्षा खतरों’ की वजह से वापस ले लिया गया है। शौकत ने कहा कि पुलिस ने मुशर्रफ की पार्टी ‘ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग’ (एपीएमएल) को इस फैसले के बारे में बता दिया है। उन्होंने कहा कि एपीएमएल सभा रद्द करने पर सहमत हो गई है। मुशर्रफ ने वर्ष 1999 में सेना प्रमुख के तौर पर एक रक्तहीन तख्तापलट के जरिए सत्ता पर कब्जा जमाया था और अगस्त 2008 में पद छोडऩे के बाद देश छोड़कर चले गए थे।

वर्ष 2009 के शुरूआती दिनों में स्व निर्वासन पर जाने से पूर्व मुशर्रफ ने कई बार घर लौटने की अपनी मंशा का ऐलान किया था। पिछले वर्ष गिरफ्तारी की धमकी मिलने के बाद उन्होंने स्वदेश लौटने की योजना स्थगित कर दी थी। राजनीतिक और सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि कुछ ‘सौदेबाजी’ के बाद ही मुशर्रफ की वापसी संभव हुई है। संभव है कि इस सौदेबाजी में कुछ विदेशी सरकारों और सेना ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की हो।

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