44 डिग्री पारे से तपा ऊना

ऊना। जिले में मंगलवार को पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। ऊना शहर में मंगलवार को दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा। शहर के अन्य क्षेत्रों में भी यही हाल देखा गया। सरकारी कार्यालयों के बाहर भी भीड़ छंट गई। दोपहिया सवारों के लू चलने से गाल लाल हो गए। स्कूली बच्चों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नौनिहालों का गर्मी से बुरी हाल देखकर अभिभावक भी परेशान नजर आए। कई अभिभावकों ने उपायुक्त ऊना से स्कूलों की समयसारिणी में बदलाव की भी मांग की। कई स्कूल प्रबंधन कमेटियों के पदाधिकारी भी समय सारिणी में बदलाव के पक्ष में हैं। सोमवार को जिले में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तथा रविवार को अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री दर्ज हुआ। प्रतिदिन बढ़ती गर्मी से लोगाें का जीना मुहाल हो गया है। ऊना से अभिभावक नरेंद्र कुमार, राजीव शर्मा, पुलकित, अब्बास, दिनेश कुमार, भारत भूषण, रोशन लाल आदि ने कहा कि भयंकर गर्मी से बच्चों का बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में समयसारिणी में बदलाव होना चाहिए। स्कूल का समय सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक होने से बच्चों को राहत मिल सकेगी। इसी तरह शहर के युवा राहुल शर्मा, विक्रांत, रमन शर्मा, बाबी, शौर्य, विनीत, प्रशांत आदि ने कहा कि दोपहर के समय वे दोपहिये पर निकले तो लू चल रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे चेहरा झुलस रहा हो। इन युवाओं ने कहा कि घर वापस पहुंचकर देखा तो चेहरा लाल हो गया था। पालकवाह से अमित, राम रतन, प्रीतम, ऊना से जगतार, गुरबख्श और प्रेम आदि ने कहा कि बिजली के अघोषित कट लोगों को और परेशान कर रहे हैं। उधर, ऊना के उपायुक्त अभिषेक जैन ने कहा कि स्कूलों में समयसारिणी में बदलाव को लेकर विचार किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि उनके कार्यालय में भी मंगलवार को कुछ लोग आए थे और उन्हें बच्चों की हालत के बारे में अवगत कराया है।

क्या कहते हैं डाक्टर :-
लू से बचाव जरूरी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी जीआर कौशल ने कहा कि इन दिनों लू से अपना बचाव करना जरूरी है। घर से निकलते वक्त अपने शरीर को सूती कपड़े से ढक कर निकलें। इसके अलावा धूप से लौटने के बाद सीधे पंखे, कूलर एवं एसी के नीचे न जाएं। न ही एकदम से ठंडा पानी पीएं। क्यों कि इससे बुखार हो सकता है। उल्टी या दस्त की शिकायत को हल्के में न लें। तुरंत अस्पताल में जाकर अपनी जांच करवाएं। फास्ट फूड, कटे एवं ज्यादा पके फल एवं सब्जियों का सेवन न करें। उन्होंने नींबू एवं नमक युक्त पानी पीने की सलाह भी दी।

चश्मे का करें इस्तेमाल
नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. विशाल कुमार का कहना कि तेज किरणों से बचने के लिए घर से निकलते समय आंखों पर सन ग्लासिस का प्रयोग करें। आंखों में खारिश होने पर मलने के बजाय ठंडे पाने के छीटें मार लें। अस्पताल में जाकर आंखों की जांच भी करवाएं।

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