4 साल बाद खुला दोस्त की मौत का राज

लुधियाना: नगर में तैनात 2 थानेदारों के सपूतों ने अपने दोस्तों संग मिलकर एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया है, जिसका राज 4 साल बाद खुला है। इसके बाद पुलिस ने दोनों सपूतों सहित 5 युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर आरोप है कि इन लोगों ने अपने ही दोस्त सोनू कट्टा की नशे के कारण हुई मौत के बाद उसका शव खुर्द-बुर्द करने के लिए दोराहा नहर में बहा दिया था।

ए.सी.पी. गुरबंस सिंह बैंस ने बताया कि इस मामले में अभी 3 अन्य युवकों की पुलिस को तलाश है जिनके खिलाफ थाना शिमलापुरी में मामला दर्ज करवाया गया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान न्यू शिमलापुरी के यादविंद्र सिंह उर्फ काला पुत्र संतोष कुमार, मनप्रीत सिंह उर्फ मोनू, प्रदीप कुमार उर्फ बावा पुत्र अश्विनी कुमार, अमरीक सिंह उर्फ मीका निवासी न्यू अमन नगर, हरकमलप्रीत सिंह उर्फ बादशाह निवासी न्यू शिमलापुरी के रूप में हुई है जबकि फरार आरोपियों की पहचान इसी इलाके के गुरप्रीत सिंह उर्फ राजू, नंदू व मुन्ना के रूप में हुई है।

गुरबंस बैंस ने बताया कि आरोपियों को उस समय काबू किया गया जब सी.आई.ए. में तैनात सब-इंस्पैक्टर सुरिंद्र चोपड़ा को गुप्त सूचना मिली कि 2009 में सोनू कट्टा की नशे की मात्रा अधिक लेने से मौत हो गई थी और इन लोगों ने बिना किसी को सूचित किए उसका शव नहर में बहा दिया। इसके बाद सारा मामला पुलिस कमिश्रर परमजीत सिंह गिल के ध्यान में लाया गया और 5 आरोपियों को पुलिस ने काबू कर जब पूछताछ की तो सभी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि वे सभी लोग दोस्त हैं। सोनू कट्टा भी उनके पास आकर नशा करता था, वह सभी स्मैक व अफीम का नशा करते थे। यादविंद्र का अपना मकान होने के बावजूद उसने शिमलापुरी टेढी रोड पर किराए पर कमरे लिए हुए थे। 2009 मई-जून के महीने में सोनू कट्टा यादविंद्र के कमरे में आया, वे लोग तो नशा करने के बाद चले गए जबकि सोनू कट्टा अधिक नशा करने के कारण वहीं बेसुध हो गया। उसके बाद यादविंद्र सोनू को उसी कमरे में छोड़ कर अपने घर चला गया।

दूसरे दिन यादविंद्र के किराएदार नंदू ने उसे फोन कर बताया कि सोनू अभी भी बेहोश पड़ा है जिस पर यादविंदर अपने दोस्तों सहित वहां पहुंचा। तब उन्हें पता चला कि सोनू की तो मौत हो चुकी है। उसके बाद इन सभी ने बिना पुलिस व सोनू के परिवार को सूचित किए सोनू का शव ठिकाने लगाने की योजना बना ली और एक इंडिका कार में सोनू का शव ले जाकर दोराहा नहर में फैंक दिया। इसके बाद ये सभी लोग एक धार्मिक स्थान पर गए और वहां जाकर इन सभी ने सौगंध खाई कि इस घटना बारे कोई किसी को नहीं बताएगा। ए.सी.पी. ने बताया कि सोनू की मौत अधिक नशा करने के कारण ही हुई थी लेकिन ये लोग डर गए जिस कारण इन लोगों ने लाश को ठिकाने लगा दिया

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