
नई टिहरी। जिले की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। 7 अगस्त को 258 शिक्षकों की नियुक्ति के बावजूद जिले में अब भी प्राथमिक विद्यालयों में 354 शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे है। तीन साल के लंबे इंतजार के बाद जिले के सबसे दूरस्थ पिन्सवाड, मेड और मरवाड़ी विद्यालयों को अब स्थायी शिक्षक मिल चुके है। गंगी प्राथमिक विद्यालय दो शिक्षा मित्रों और 354 विद्यालय एकल शिक्षकों के भरोसे ही संचालित हो रहे हैं।
शिक्षा के अधिकार अधिनिमय के तहत 25 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में दो शिक्षकों की तैनाती जरूरी है, लेकिन जिले के 354 विद्यालय अब भी एकल शिक्षकों के भरोसे है। इनमें भी अधिकांश विद्यालयों में शिक्षा मित्र ही कार्यरत है। भिलंगना, प्रतापनगर ब्लॉक में सर्वाधिक शिक्षकों की कमी बनी हुई है। जिले के 1473 विद्यालयों में स्वीकृत 1002 प्रधानाध्यापकों के पदों के सापेक्ष 137, सहायक अध्यापकों के स्वीकृत 1669 पदों के सापेक्ष 217 पद रिक्त चल रहे है। शिक्षकों की कमी पर प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था ढर्रे पर नहीं आ पा रही है। तीन वर्षों से जिले के दूरस्थ प्राथमिक विद्यालय पिन्सवाड, मेड और मरवाड़ी में वैकल्पिक व्यवस्था पर ही शिक्षकों की तैनाती चल रही थी। लेकिन पिछले दिनों 258 शिक्षकों की तैनाती होने पर इन विद्यालयों को अब स्थायी शिक्षक मिल गए है। पिन्सवाड विद्यालय में विक्रम सिंह, मेड में दीपक कुमार, मरवाड़ी में अनिल बिजल्वाण व केशव कुमार ने बीते शनिवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
8 अगस्त को 258 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए हैं। अधिकांश शिक्षकों को दूरस्थ विद्यालयोें में भेजा गया है। गंगी विद्यालय में छात्र संख्या कम होने से स्थायी शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई है। – बृजमोहन सिंह रावत, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक टिहरी
