
चंबा। जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। स्टाफ नर्सों की चंबा अस्पतालों में भारी कमी चल रही है। वर्तमान में चंबा में 35 स्टाफ नर्सों के पद रिक्त चल रहे हैं। स्वीकृत 117 स्टाफ नर्सों के सापेक्ष मात्र 86 नर्सें ही सेवाएं दे रही हैं। इससे जिला भर के स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। जिला अस्पताल की बात करें तो यहां आठ स्टाफ नर्सों के पद खाली हैं। जिला अस्पताल में नर्सों के स्वीकृत पद 36 हैं। वर्तमान में 28 स्टाफ नर्सें सेवाएं दे रही हैं। इससे अस्पताल में सेवाएं दे रही स्टाफ नर्सों पर अतिरिक्त कार्य का बोझ है। अस्पताल प्रबंधन को नाइट ड्यूटी लगाने में दिक्कत पेश आ रही है।
जिला अस्पताल की क्लीनिक में एक और टीबी अस्पताल चंबा में तीन स्टाफ नर्सों के पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। इसके अलावा सीएचसी चुवाड़ी और सीएचसी चूड़ी में तीन-तीन स्टाफ नर्सों के पद खाली हैं। सीएचसी किहार में दो स्टाफ नर्सों के पद खाली चल रहे हैं। सीएचसी तीसा, पीएचसी जडेरा, पीएचसी शक्तिदेहरा, सालवां, डियूर, सुंडला, जसौरगढ़, झज्जाकोठी, बौंदेड़ी, कोहल्डी, पुर्थी, सेचुनाला, धरवास, मांडला में स्टाफ नर्सों का एक-एक पद खाली है। इस बाबत जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. वाईडी शर्मा ने बताया कि स्टाफ की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। स्वास्थ्य महकमा जिले वासियों को बेहतर सेवाएं मुहैया करवाने के लिए प्रयासरत है।
पूरा वार्ड एक नर्स के हवाले
जिला अस्पताल में स्टाफ नर्सों की कमी का खामियाजा वर्तमान में सेवाएं दे रही स्टाफ नर्सों को भुगतना पड़ रहा है। कई बार नाइट और इवनिंग ड्यूटी में पूरे वार्ड के मरीजों की एक स्टाफ नर्स को देखभाल करनी पड़ती है। कई बार जरूरी कार्य के लिए स्टाफ नर्सों को छुट्टियां भी नहीं मिल पाती हैं। जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्सों को मरीजों की संख्या अधिक होने के चलते मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
