
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कैबिनेट सदस्यों के साथ खाद्य सुरक्षा योजना को लागू करने की घोषणा की। योजना की शुरुआत 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर होगी लेकिन योजना का लाभ एक सितंबर से दिया जाएगा। योजना की शुरुआत 5.10 लाख परिवार के 32 लाख सदस्यों से की जाएगी। अभी इन परिवार को अन्त्योदय अन्न योजना (एएवाई), बिलो पावर्टी लाइन (बीपीएल), झुग्गी राशन कार्ड (जेआरसी) और रिसेटलमेंट कॉलोनी राशन कार्ड (आरसीआरसी) श्रेणी में राशन मिल रहा है, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 73.5 लाख लोगों तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री का दावा है कि योजना का लाभ 44 फीसदी आबादी को मिलेगा। उन्होंने कहा कि अन्नश्री योजना चलती रहेगी। अगर कोई चाहे तो वह उस योजना को छोड़कर नई योजना में शामिल हो सकता है। योजना के लागू होने पर गर्भवती महिला को 6 हजार रुपये का मातृत्व लाभ दिया जाएगा, जबकि 14 वर्ष तक के बच्चे को पोषण का अधिकार मिल जाएगा। इन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी या मिड डे मील योजना के तहत पोषण आहार दिया जाएगा। एक लाख रुपये से कम पारिवारिक आय योजना में शामिल होने के लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने बताया कि शुरुआती दौर में लोक शिकायत आयोग ही खाद्य सुरक्षा आयोग के तौर पर काम करेगा। बाद में अलग से आयोग बनाया जाएगा। खाद्य सुरक्षा योजना में दो तरह से कार्ड बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि योजना में धीरे-धीरे सभी पात्र परिवार शामिल किए जाएंगे, जबकि वर्तमान में चल रहे कार्ड खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बने काफी कार्ड फर्जी हैं, जिन्हें सीधे आधार कार्ड से लिंक कर ठीक किया जाएगा। परिवार के प्रत्येक सदस्य का आधार नंबर देना होगा। अभी 92 फीसदी नागरिकों को आधार नंबर मिल चुका है। जो लोग बच गए हैं, उनके लिए केंद्र पर सुविधा दी जाएगी।
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खाद्य सुरक्षा योजना के बारे में कुछ जानकारी
-कैबिनेट ने योग्य परिवारों के पहचान के दिशा निर्देश को मंजूरी दी।
-बीपीएल श्रेणी में 4 रुपये 80 पैसे प्रति किलोग्राम की बजाय दो रुपये प्रति किलोग्राम व चावल 6 रुपये 50 पैसे की जगह 3 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलेगा।
-जेआरसी और आरसीआरसी श्रेणियों को गेहूं 9 रुपये 5 पैसे की जगह दो रुपये, चावल 9 रुपये 25 पैसे की जगह 3 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलेगा।
-दो श्रेणी में कार्ड बनाए जाएंगे। पहली श्रेणी एएवाई, जबकि दूसरी श्रेणी खाद्य सुरक्षा के पात्र परिवारों की होगी।
-एएवाई परिवारों को प्रतिमाह 35 किलोग्राम अनाज मिलेगा, जबकि अन्य योग्य परिवारों को प्रतिमाह प्रति व्यक्ति 5 किलो ग्राम अनाज मिलेगा।
-स्कीम का लाभ परिवार की वरिष्ठ महिला को मुखिया बनाकर दिए गए कार्ड पर मिलेगा।
-पूछताछ और शिकायतों के पंजीकरण के लिए कॉल सेंटर नंबर-1967 और टोल फ्री नंबर 1800-11-0841 शुरु होगा।
-खाद्य सुरक्षा योजना लागू किए जाने के बावजूद दिल्ली अन्नश्री योजना जारी रहेगी।
-योजना में चौदह वर्ष तक के बच्चे को पोषण का अधिकार दिया गया है, जिन्हें 0-6 वर्ष और 6-12 वर्ष की श्रेणी में रखकर आंगनबाड़ी केंद्र व स्कूलों में मिड मील के तहत खाना दिया जाएगा।
-खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के विशेष आयुक्त को शिकायत निवारण के लिए केंद्रीय अधिकारी बनाया गया है।
-खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एफएसओ कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी, जहां आवेदकों को आवेदन फार्म भरने में मदद दी जाएगी।
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बिना आय प्रमाणपत्र के इन्हें मिलेगा लाभ
भौगोलिक, सामाजिक और व्यावसायिक तौर पर कमजोर लोगों जैसे तंग बस्ती, एफ, जी और एच श्रेणी की पुनर्वास कॉलोनियों, ग्रामीण गांवों की अधिसूचित आबादी के निवासियों, निराश्रय लोगों, किन्नर, अशक्त सदस्य वाले परिवारों, अकेली महिला, बिना सहारे के बच्चे, कूड़ा बीनने वाले, अकुशल निर्माण मजदूर, कुलियों, आकस्मिक दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चलाने वाले और छोटे घरेलू उद्यमों और उद्योगों के अकुशल कामगारों को योजना में योग्य माना जाएगा।
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इन्हें नहीं मिलेगा लाभ
-वे परिवार जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो।
-परिवार के किसी सदस्य के पास हल्का या भारी चार पहिया वाहन हो।
-ए से ई श्रेणी की कॉलोनियों में कोई इमारत और प्लॉट हो।
– किसी अन्य योजना में उन्हें राशन या सब्सिडी मिल रही हो और परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता हो।
-परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी हो।
-परिवार का कोई व्यक्ति स्थानीय निकायों और स्वायत्त संस्थाओं में काम करता हो।
-परिवार में दो किलोवाट से अधिक क्षमता का बिजली कनेक्शन हो।
